झारखंड सीजीएल मामले में छपरा से एजेंट गिरफ्तार, आरोपियों की संख्या 33 हुई

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी ने छपरा से एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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झारखंड सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की जांच का सांकेतिक दृश्य

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच के सिलसिले में सीआईडी ने बिहार के छपरा से एजेंट मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। गुरुवार शाम उसे विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है।

इस गिरफ्तारी के साथ मामले में पकड़े गए लोगों की संख्या 33 हो गई है। सीआईडी ने एक जनवरी 2025 को अपने थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुरुआती चरण में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें अधिकतर झारखंड पुलिस के जवान बताए गए हैं। उन पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा पास कराने और प्रश्न-उत्तर याद कराने का आरोप है।

करीब डेढ़ महीने पहले नए सिरे से शुरू हुई जांच के बाद 17 और गिरफ्तारियां हुईं। इनमें एजेंट, अभ्यर्थी और परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी आईसीएन के कर्मचारी शामिल हैं। सीआईडी के अनुसार, कुछ सफल अभ्यर्थी एजेंट की भूमिका निभाते हुए रकम की वसूली भी कर रहे थे। ये सभी बातें जांच के दायरे में हैं और आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

नए चरण की जांच में अभय कुमार तिवारी, उनकी पत्नी सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया गया। परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार भी पकड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त कई सफल अभ्यर्थियों तथा पटना, कोडरमा और देवघर से जुड़े कथित एजेंटों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।

इसी मामले में सीआईडी ने जमशेदपुर के फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की। देर शाम उन्हें जाने दिया गया और शुक्रवार को फिर बुलाया गया है। गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार को स्थानीय पुलिस के सहयोग से पूछताछ के लिए रांची लाया गया था।

जांच एजेंसी को पहले की पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर संजय कुमार की संभावित भूमिका से जुड़ी जानकारी मिली थी। उन पर अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर याद कराने, कथित सेटिंग और आवाजाही में सहयोग करने का संदेह जताया गया है। सीआईडी इन सूचनाओं का सत्यापन कर रही है; पूछताछ अपने आप में दोष सिद्ध होने का आधार नहीं है।