सिमडेगा जिले में पुलिस ने अपराध की रोकथाम और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार, “मोर पुलिस मोय पुलिस” अभियान के तहत 17 से 24 सितंबर के बीच जिले के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से संवाद किया गया।
अभियान में ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूलों और आंगनबाड़ी कर्मियों की भागीदारी रही। पुलिस पदाधिकारियों ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और मानव तस्करी, महिला उत्पीड़न, बाल संरक्षण तथा सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर जरूरी जानकारी साझा की।
ग्रामीणों को डायन प्रथा और उससे जुड़ी हिंसा के कानूनी पहलुओं के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने लोगों से अंधविश्वास तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना, उसका सामाजिक बहिष्कार करना या उसके खिलाफ हिंसा करना अपराध है।
साइबर ठगी से बचाव भी अभियान का प्रमुख विषय रहा। लोगों को बताया गया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की जा सकती है। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग और किसी आपात स्थिति में डायल-112 की सहायता लेने की जानकारी दी गई।
स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने युवाओं की समितियां गठित कर उन्हें सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता गतिविधियों से जोड़ने की पहल भी की। सर्पदंश से बचाव और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने पर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने जिले के लोगों से मानव तस्करी, साइबर अपराध, महिला-बाल उत्पीड़न और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने की अपील की। अभियान का जोर पुलिस और समुदाय के बीच सीधे संवाद के माध्यम से अपराध की रोकथाम तथा समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर रहा।