झारखंड हाईकोर्ट ने सड़क हादसा मुआवजा 22.16 लाख से बढ़ाकर 28.17 लाख किया

ट्रेलर चालक की मौत से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि उचित मुआवजे के लिए दावेदारों की अलग अपील न होने पर भी राशि बढ़ाई जा सकती है।

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रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले ट्रेलर चालक के आश्रितों को मिलने वाला मुआवजा 22.16 लाख रुपये से बढ़ाकर 28.17 लाख रुपये कर दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने कहा कि उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट दावेदारों की अलग अपील के बिना भी राशि बढ़ा सकता है।

मामला 31 मई 2022 को दो ट्रेलरों की आमने-सामने टक्कर से जुड़ा है। हादसे में ट्रेलर चालक मुकेश कुमार चौधरी की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके परिवार ने मुआवजे की मांग करते हुए दावा याचिका दाखिल की थी।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, जमशेदपुर ने परिवार के लिए 22.16 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया था। बीमा कंपनी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उसका तर्क था कि दुर्घटना के समय चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, इसलिए मुआवजे की जिम्मेदारी उस पर नहीं डाली जानी चाहिए।

अदालत ने यह दलील स्वीकार नहीं की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, बीमा कंपनी ने अधिकरण के समक्ष अपने लिखित बयान में ऐसा आरोप नहीं लगाया था और इस संबंध में कोई मुद्दा भी तय नहीं हुआ था। मृतक का ड्राइविंग लाइसेंस रिकॉर्ड में मौजूद होने की बात भी सामने आई। अदालत ने माना कि अपील के स्तर पर पहली बार यह तर्क उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी की अपील खारिज करते हुए बढ़ी हुई मुआवजा राशि आठ सप्ताह के भीतर अधिकरण में जमा करने का निर्देश दिया। पहले जमा की जा चुकी रकम को नई निर्धारित राशि में समायोजित किया जाएगा।

आदेश के मुताबिक, बढ़ी हुई राशि पर दावा याचिका दाखिल होने की तारीख 30 सितंबर 2022 से वास्तविक भुगतान तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने अपने निर्णय में मोटर वाहन कानून के उस उद्देश्य पर जोर दिया, जिसके तहत हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के आश्रितों को न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।