झारसुगुड़ा यार्ड में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से कई ट्रेनें प्रभावित, टाटानगर और हटिया के यात्रियों पर असर

चक्रधरपुर रेल मंडल के झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में 27 नवंबर से 17 दिसंबर तक प्रस्तावित कार्य के कारण कई ट्रेनें अलग-अलग तिथियों पर रद्द रहेंगी या बदले मार्ग से चलेंगी।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
टाटानगर स्टेशन से गुजरती यात्री ट्रेन की सांकेतिक तस्वीर

जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड के प्रस्तावित नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य से झारखंड होकर चलने वाली कई यात्री ट्रेनें प्रभावित होंगी। अधोसंरचना विकास का यह काम 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 के बीच निर्धारित तिथियों पर किया जाएगा। इसका असर विशेष रूप से टाटानगर और हटिया से जुड़ी रेल सेवाओं पर पड़ेगा।

रेलवे की सूचना के मुताबिक, प्रभावित सेवाओं में टाटानगर-इतवारी, टाटानगर-बिलासपुर, हटिया-पुणे और हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस शामिल हैं। हावड़ा-पुणे दुरंतो, चर्लपल्ली-दरभंगा, सांतरागाछी-पुणे, तिरुपति-रक्सौल, मालदा टाउन-सूरत और कामाख्या-एलटीटी जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें भी अपनी निर्धारित तिथियों पर रद्द रहेंगी। प्रत्येक ट्रेन के लिए रद्दीकरण की तारीख अलग है।

नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान कुछ गाड़ियों का मार्ग भी बदला जाएगा। योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 28 नवंबर, 5 दिसंबर तथा 7 से 14 दिसंबर तक ईब, झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी, अंगुल और कटक के रास्ते पुरी जाएगी। वापसी की पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 6 से 15 दिसंबर तक इसी वैकल्पिक रेल मार्ग से चलेगी।

आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 28 नवंबर और 4 से 15 दिसंबर तक राउरकेला में अपनी यात्रा समाप्त करेगी। इस अवधि में राउरकेला से दुर्ग के बीच इसका परिचालन नहीं होगा। वापसी की दुर्ग-आरा सेवा 29 नवंबर और 5 से 16 दिसंबर तक राउरकेला से रवाना होगी। इसके अलावा 14 दिसंबर को पुणे से चलने वाली पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस के प्रस्थान में दो घंटे का बदलाव रहेगा।

रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले अपनी ट्रेन की तारीख, संख्या और अद्यतन स्थिति की जांच कर लें। रद्दीकरण, बदले मार्ग और संशोधित समय की जानकारी रेलवे की अधिकृत पूछताछ सेवा एनटीईएस या हेल्पलाइन 139 से ली जा सकती है। अलग-अलग तारीखों पर अलग सेवाएं प्रभावित होने के कारण टिकटधारकों के लिए प्रस्थान से पहले स्थिति सत्यापित करना जरूरी होगा।