झुमरीतिलैया में गणेशोत्सव की धूम, पंडालों में आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कोडरमा के झुमरीतिलैया में गणेश चतुर्थी पर मंदिरों, पंडालों और घरों में पूजा हुई। अलग-अलग समितियों ने आरती, जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विसर्जन यात्रा की तैयारी की है।

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झुमरीतिलैया में गणेशोत्सव के लिए सजाया गया पूजा पंडाल

कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में सोमवार को गणेश चतुर्थी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। शहर के मंदिरों, पूजा पंडालों और घरों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर विधिवत पूजन किया गया। पट खुलने के बाद बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया और सुख-समृद्धि की कामना की।

गांधी स्कूल रोड स्थित शिव मंदिर परिसर में सजाया गया पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। यहां रंगीन रोशनी और सजावट के साथ मेले की व्यवस्था भी की गई है। आयोजन से जुड़े सदस्य के अनुसार, प्रतिदिन पूजा और महाआरती होगी। विद्यालयों के बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।

पूर्णिमा टॉकीज के पीछे कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी ने बंगाल की दुर्गापूजा शैली से प्रेरित पंडाल तैयार किया है। यहां 15 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। पंडाल का उद्घाटन महामंडलेश्वर सुखदेव दास ने किया। चार दिवसीय आयोजन के पहले दिन संध्या आरती हुई।

समिति की घोषित रूपरेखा के मुताबिक, मंगलवार को आरती के बाद भक्ति जागरण और बुधवार को स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह होगा। गुरुवार को आकर्षक झांकी तथा नगर भ्रमण के साथ प्रतिमा विसर्जन की योजना है। आयोजन को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए समिति के सदस्य तैयारियों में लगे हैं।

पुराना बस स्टैंड स्थित आदर्श नगर सार्वजनिक गणेश पूजा समिति ने आठ फीट ऊंची प्रतिमा के साथ पंडाल बनाया है। इसका उद्घाटन झुमरीतिलैया नगर परिषद अध्यक्ष रमेश हर्षधर और उपाध्यक्ष मनोहर कुमार राम ने संयुक्त रूप से किया। पांच दिवसीय कार्यक्रम में दैनिक पूजा, महाआरती, भक्ति जागरण और भंडारे के बाद अंतिम दिन झांकी सहित विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी।

दीना नाथ कैंपस में दयानंद भदानी के निवास पर भी गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। परिवार यहां पिछले तीन वर्षों से सात दिनों तक पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करता रहा है। शहर के कई अन्य घरों में भी दीप जलाकर और मोदक, लड्डू तथा मिठाइयों का भोग लगाकर गणेश पूजा की गई।