टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कम से कम 15 ट्रेनों के विलंब से चलने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुंबई, हावड़ा और अन्य शहरों से आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें निर्धारित समय से एक से चार घंटे तक देर से स्टेशन पहुंचीं। इससे अलग-अलग मार्गों पर यात्रा कर रहे लोगों का इंतजार बढ़ गया।
मुंबई-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस के समय में सबसे अधिक बदलाव बताया गया। ट्रेन के गुरुवार शाम चार बजे टाटानगर पहुंचने के बजाय शुक्रवार दिन में आने की संभावना जताई गई थी। मुंबई से टाटानगर की ओर आने वाली दूसरी ट्रेनों के परिचालन में भी लगातार विलंब दर्ज होने की बात सामने आई है।
देर से पहुंचने वाली ट्रेनों में हावड़ा-कांटाबाजी इस्पात एक्सप्रेस, रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस, जूनागढ़-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस और मुंबई-संतरागाछी पूजा स्पेशल शामिल रहीं। अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस, मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस, छपरा-थावे-टाटानगर एक्सप्रेस तथा आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से पीछे चलीं।
शाम के दौरान उत्कल, पुरुषोत्तम, दुर्ग-साउथ बिहार, गीतांजलि, कुर्ला और शिरडी एक्सप्रेस के भी देर से टाटानगर पहुंचने की सूचना दी गई। हावड़ा से चलने वाली इस्पात और जनशताब्दी एक्सप्रेस के परिचालन समय में भी लगातार देरी दर्ज होने की बात कही गई है।
ट्रेनों की लेटलतीफी से प्रभावित यात्री रेलवे के सोशल मीडिया मंच पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। हालांकि उपलब्ध विवरण में देरी के कारण या परिचालन सामान्य होने के समय की जानकारी नहीं दी गई है। यात्रियों के लिए संबंधित ट्रेन की मौजूदा स्थिति देखकर ही स्टेशन पहुंचना उपयोगी होगा, क्योंकि अलग-अलग रेल मार्गों पर विलंब की अवधि समान नहीं रही।