डेहरी-गढ़वा रोड पैसेंजर पांच फेरों के बाद बंद, नियमित परिचालन की मांग

डेहरी ऑन सोन और गढ़वा रोड जंक्शन के बीच शुरू की गई पैसेंजर ट्रेन पांच दिन चलने के बाद बंद हो गई। मोहम्मदगंज समेत कई स्टेशनों के यात्रियों ने त्योहारों के दौरान इसे नियमित चलाने की मांग की है।

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डेहरी ऑन सोन-गढ़वा रोड पैसेंजर ट्रेन के नियमित परिचालन की मांग

पलामू के मोहम्मदगंज क्षेत्र के यात्रियों ने डेहरी ऑन सोन-गढ़वा रोड जंक्शन पैसेंजर ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू करने की मांग उठाई है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन बंद होने से स्थानीय लोगों की आवागमन संबंधी परेशानी बढ़ गई है। दीपावली और छठ के दौरान रेलगाड़ियों में संभावित भीड़ को देखते हुए यह मांग और तेज हो गई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 03658 डाउन और 03657 अप का परिचालन 16 अक्टूबर को शुरू किया गया था। यात्रियों को भीड़ से राहत देने तथा सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई गई यह ट्रेन 20 अक्टूबर तक केवल पांच फेरे लगा सकी। पांच दिन बाद इसका संचालन बंद हो गया।

इस पैसेंजर ट्रेन में 14 रैक लगाए गए थे। निर्धारित समय-सारणी के मुताबिक डाउन ट्रेन डेहरी ऑन सोन से दोपहर 12 बजे और अप ट्रेन गढ़वा रोड जंक्शन से शाम छह बजे खुलती थी। कम अवधि के परिचालन में भी इस रेलमार्ग के कई छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को सीधा विकल्प मिला था।

ट्रेन का लाभ गढ़वा, सिगसिगी, करकट्टा, उंटारी रोड, सतबहिनी, मोहम्मदगंज, कोसीआरा, हैदरनगर, जपला, नवाडीह, बड़की सलैया, नवीनगर, अंकोरहा, बगहा और सोननगर सहित अनेक स्टेशनों के यात्रियों को मिल रहा था। इसका संचालन रुकने के बाद इस मार्ग पर निर्भर यात्रियों को फिर दूसरे उपलब्ध साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्थानीय यात्रियों और जनप्रतिनिधियों ने रेल मंत्री तथा पलामू सांसद बीडी राम से परिचालन बहाल कराने का आग्रह किया है। मांग करने वालों में पंचायत समिति सदस्य ममता कुमारी, सुशील कुमार, रामजनम राम, सांसद प्रतिनिधि महेंद्र प्रसाद सिंह, रौशन कुमार और मुखिया उमेश राम सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि त्योहारों में दूसरे राज्यों और शहरों से कामगारों के घर लौटने पर ट्रेनों में दबाव बढ़ेगा। ऐसे समय में पैसेंजर ट्रेन नियमित चलने से स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ भीड़ कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि नियमित परिचालन से रेलवे के राजस्व में वृद्धि की संभावना बनेगी।