दिल्ली दौरे के बाद हजारीबाग के मॉडल स्कूलों की समीक्षा, दो प्रयोग शुरू करने पर विचार

दिल्ली के सरकारी स्कूलों का अध्ययन कर लौटे शिक्षा अधिकारियों के बाद हजारीबाग में मॉडल स्कूलों की समीक्षा शुरू हुई है। मॉड्यूलर किचन और हैप्पीनेस पीरियड को पायलट रूप में लागू करने की संभावना है।

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हजारीबाग के सरकारी मॉडल स्कूलों की समीक्षा और नए शैक्षणिक प्रयोगों की तैयारी

झारखंड के सभी 24 जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय एक्सपोजर विजिट-सह-लीडरशिप कार्यक्रम से लौट आए हैं। इसके बाद हजारीबाग में मॉडल स्कूलों की समीक्षा शुरू की गई है। दिल्ली में देखी गई व्यवस्थाओं में से स्थानीय जरूरतों के अनुकूल कुछ प्रयोग जिले में शुरू किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम का आयोजन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, एनसीईआरटी और दिल्ली एससीईआरटी ने संयुक्त रूप से किया था। इसमें अधिकारियों को विद्यालयी शिक्षा, नेतृत्व क्षमता और नई शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे प्रयोगों की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य अलग-अलग शैक्षणिक व्यवस्थाओं को समझना और झारखंड के स्कूलों में उपयोगी मॉडल अपनाने की संभावनाओं का अध्ययन करना था।

अधिकारियों ने कालकाजी, रोहिणी और द्वारका स्थित स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, पढ़ाई की व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए विकसित शैक्षणिक वातावरण को देखा। हैप्पीनेस करिकुलम और एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट कार्यक्रम के संचालन तथा विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव के बारे में भी जानकारी ली गई।

एनसीईआरटी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला में लर्निंग आउटकम, बुकलेस डे और बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान जैसे विषय शामिल रहे। नीति आयोग में गढ़वा, चतरा और साहिबगंज जैसे आकांक्षी जिलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के रोडमैप पर भी विचार किया गया।

दौरे के बाद अधिकारियों का जोर केवल कार्यालयी काम तक सीमित न रहकर स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देने का है। इसके तहत स्कूलों के नियमित निरीक्षण और विद्यालय से बाहर बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की बात कही गई है। राज्य में मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और पीएम श्री स्कूल के मॉडल को मजबूत करने की तैयारी भी है।

हजारीबाग के जिला शिक्षा अधीक्षक ने जिले के मॉडल स्कूलों की समीक्षा शुरू कर दी है। मॉड्यूलर किचन और हैप्पीनेस पीरियड को पायलट परियोजना के रूप में लागू करने की संभावना पर विचार हो रहा है। हैप्पीनेस पीरियड का प्रस्ताव विद्यार्थियों के मानसिक कल्याण, खुशी और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल पर केंद्रित है। फिलहाल इसे प्रायोगिक योजना के रूप में शुरू करने की तैयारी बताई गई है।