दिल्ली पुलिस के रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और झारखंड से जुड़े कथित हेरोइन आपूर्ति नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से कुल 8.128 किलोग्राम हेरोइन मिली है, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 60 करोड़ रुपये बताया गया है।
जांच की झारखंड से जुड़ी कड़ी चतरा जिले तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को चतरा से प्रकाश कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उस पर अपनी कृषि भूमि पर अवैध रूप से अफीम उगाने और पहले पकड़े गए आरोपियों को कच्ची अफीम उपलब्ध कराने का आरोप है। मामले में उसकी भूमिका तथा नेटवर्क की अन्य कड़ियों की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई की शुरुआत 16 सितंबर को दिल्ली के बेगमपुर क्षेत्र में मिली सूचना से हुई। सेक्टर-32 में एक कार से पहुंचे लक्ष्मण हुड्डा को गिरफ्तार कर उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ के बाद अगले दिन हरियाणा के सोनीपत से अनिल उर्फ भोला को 501 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया।
तकनीकी निगरानी और आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस चार अक्टूबर को लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी पहुंची। वहां बबलू नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया और 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन मिलने का दावा किया गया। छापे में सोडियम, एसिटिक एनहाइड्राइड, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और दूसरे उपकरण भी बरामद किए गए।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने बरेली से रुकसार अली उर्फ राजू और अजाज अहमद को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, रुकसार कथित निर्माण इकाई का मालिक और मुख्य आपूर्तिकर्ता था, जबकि अजाज पर कच्ची अफीम पहुंचाने का आरोप है। इसके बाद 16 अक्टूबर को बदायूं से मोहम्मद अजहर को पकड़ा गया। उसके पास से 551 ग्राम हेरोइन, 9.81 लाख रुपये नकद और एक कार मिलने की बात कही गई है।
पूरी कार्रवाई में पुलिस ने हेरोइन के अलावा 12.81 लाख रुपये नकद, तीन एसयूवी, एक मोटरसाइकिल और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त करने का दावा किया है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आपूर्ति की शेष कड़ियों का पता लगा रही है। सभी आरोप फिलहाल पुलिस की जांच का हिस्सा हैं।