खूंटी शहर के आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले के विरोध में गुरुवार को लोगों ने बंद कराया और भगत सिंह चौक पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हमलावरों की गिरफ्तारी और स्कूल की सुरक्षा मजबूत करने की मांग कर रहे थे। करीब साढ़े छह घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।
फादर बारला बुधवार सुबह स्कूल के कार्यालय के पास घायल और अचेत अवस्था में मिले थे। एक महिला ने उन्हें देखकर संत मिखाइल महागिरजाघर में सूचना दी। इसके बाद उन्हें खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से रिम्स रेफर किया गया। बाद में उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, उनकी हालत गंभीर है और पांच डॉक्टरों की टीम उपचार कर रही है।
घटना से नाराज लोग भगत सिंह चौक पर बैरिकेडिंग कर सड़क पर बैठ गए। वे उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने तथा आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। शाम करीब साढ़े चार बजे उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें फादर बारला के परिजनों को सुरक्षा देने, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने, उचित चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करने और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने जैसी मांगें शामिल थीं। प्रशासन की ओर से शीघ्र कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद लोगों ने जाम हटा लिया।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है। एसआईटी में एएसपी अभियान, एसडीपीओ, इंस्पेक्टर तथा खूंटी, मारंगहादा और मुरहू थानों के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम को घटना की छानबीन कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने भी घटनास्थल की जांच की है।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की शुरुआती पड़ताल में मंगलवार देर रात तीन नकाबपोश व्यक्तियों के स्कूल में प्रवेश करने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि वे कार्यालय में कुछ तलाशते दिखाई दिए और इसी दौरान फादर बारला से उनका सामना हुआ। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। फुटेज की विस्तृत जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।