दुमका व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित मासिक लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर छह मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में कुल 81 लाख 32 हजार रुपये की राशि पर समझौता हुआ। आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में किया गया था।
लोक अदालत की कार्यवाही संचालित करने के लिए कुल तीन पीठ गठित की गई थीं। इनके सामने अलग-अलग प्रकृति के लंबित और मुकदमा-पूर्व मामलों को रखा गया, ताकि संबंधित पक्ष बातचीत और सहमति से अपने विवादों का समाधान तलाश सकें।
संबंधित न्यायिक पदाधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को समझौते के जरिए विवाद समाप्त करने के लिए प्रेरित किया। पूरी प्रक्रिया में उन मामलों पर ध्यान दिया गया जिनका निपटारा दोनों पक्षों की रजामंदी से संभव था। इससे नियमित न्यायिक प्रक्रिया के बाहर समाधान का एक वैकल्पिक अवसर उपलब्ध हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव ने लोक अदालत को विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम बताया। उनके अनुसार, इस व्यवस्था के जरिए पक्षकार समय और धन की बचत करते हुए अपने मामलों का हल प्राप्त कर सकते हैं।
प्राधिकार की ओर से आम लोगों से अपील की गई कि वे सहमति से समाप्त किए जा सकने वाले लंबित विवादों के समाधान के लिए लोक अदालत की सुविधा का उपयोग करें। आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को सरल, सुलभ और कम खर्च वाली न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना भी रहा।
मासिक लोक अदालत के संचालन में न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारियों और संबंधित विभागों ने भूमिका निभाई। छह मामलों के निपटारे और समझौता राशि तय होने के साथ इस महीने की कार्यवाही संपन्न हुई।