दुमका के रामगढ़ प्रखंड की छोटी रण बहियार पंचायत स्थित आलूबाड़ा गांव के लोग जर्जर सड़क के कारण लंबे समय से आवागमन की परेशानी झेल रहे हैं। गांव में करीब 160 घर और लगभग 800 निवासी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात में रास्ते पर कीचड़ भर जाने से पैदल चलना और वाहनों से आना-जाना कठिन हो जाता है।
आलूबाड़ा गांव हंसडीहा-रामगढ़ मुख्य सड़क से करीब डेढ़ किलोमीटर और पंचायत मुख्यालय से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक जाने वाली सड़क दशकों पहले बनी थी, लेकिन लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। सड़क पर कई जगह बोल्डर निकल आए हैं और छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
गांव के अंदर स्थिति अधिक खराब बताई गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई हिस्सों में साल के अधिकांश समय कीचड़ रहता है और बारिश के दौरान समस्या बढ़ जाती है। इसका असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है। हाट-बाजार, पंचायत भवन और दूसरे जरूरी स्थानों तक पहुंचने में ग्रामीणों को कठिनाई होती है। बीमार लोगों और बुजुर्गों के लिए खराब रास्ता विशेष परेशानी का कारण बना हुआ है।
ग्रामीण केवल सड़क की मरम्मत ही नहीं, बल्कि उसके किनारे जल निकासी की व्यवस्था भी चाहते हैं। उनका कहना है कि नाली बनने से बारिश का पानी सड़क पर जमा नहीं होगा और कीचड़ की समस्या घट सकती है। उन्होंने सड़क के पुनर्निर्माण के साथ नालियों का निर्माण कराने की मांग स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तथा सांसद और विधायक को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। स्थानीय निवासियों ने जल्द काम शुरू कराने की मांग करते हुए कहा है कि बेहतर सड़क बनने से आलूबाड़ा के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
जामा की विधायक डॉ लुईस मरांडी ने कहा है कि आलूबाड़ा की सड़क का मामला उनकी जानकारी में आया है। उन्होंने विभाग के माध्यम से इस सड़क के साथ रामगढ़ प्रखंड की अन्य जर्जर सड़कों का भी शीघ्र पुनर्निर्माण कराने का भरोसा दिया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में काम शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।