दुमका में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल 17वें दिन जारी, बकाया भुगतान का निर्देश बेअसर

तीन दिन में बकाया वेतन देने के प्रशासनिक निर्देश के बावजूद भुगतान नहीं होने का आरोप है। कर्मियों ने मानदेय, न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस की मांग दोहराई है।

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दुमका में बकाया मानदेय और अन्य मांगों को लेकर आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 17वें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत कर्मियों का कहना है कि जिला प्रशासन के निर्देश के बाद भी संबंधित आउटसोर्स एजेंसियों ने उनका बकाया वेतन नहीं दिया है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।

श्रम अधीक्षक, सिविल सर्जन और दुमका के उप विकास आयुक्त ने सभी आउटसोर्स एजेंसियों को तीन दिनों के भीतर बकाया वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया था। स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी राशि नहीं मिली। उन्होंने एजेंसियों पर प्रशासनिक निर्देश की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

हड़ताल कर रहे कर्मियों ने बकाया मानदेय के साथ न्यूनतम मजदूरी दर लागू करने, कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा निगम से जुड़ी सुविधाएं देने तथा बोनस का भुगतान करने की मांग रखी है। ये मांगें आंदोलन के दौरान लगातार उठाई जा रही हैं। कर्मियों ने इन्हें अपनी बुनियादी सेवा और पारिश्रमिक से जुड़ा विषय बताया है।

सोमवार को काठीकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कमांडो एजेंसी का एक सुपरवाइजर पहुंचा। वहां स्वास्थ्य कर्मियों ने उसके सामने भी मानदेय, न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस का मुद्दा रखा। आंदोलनरत कर्मियों का दावा है कि सुपरवाइजर ने इन मांगों को पूरा करने में असमर्थता जताई।

कर्मियों ने चिकित्सा प्रभारियों पर गलत जानकारी देकर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि उपलब्ध विवरण में संबंधित चिकित्सा प्रभारियों या आउटसोर्स एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर कोई अलग प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। इसलिए कर्मियों के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

पारा मेडिकल स्टाफ एसोसिएशन के सचिव राजू कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। एसोसिएशन ने मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। साथ ही कहा है कि समाधान नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदारी जिले के सिविल सर्जन और सभी चिकित्सा प्रभारियों की होगी।