दुमका में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, पनीर में स्टार्च मिलने पर छह किलो सामग्री नष्ट

पर्व-त्योहारों से पहले दुमका शहर के छह खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच दल ने चार किलो पनीर और दो किलो खराब खाद्य सामग्री नष्ट कराकर कुल 16 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।

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दुमका शहर में आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रशासनिक दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। मौके पर की गई जांच में पनीर में स्टार्च की मिलावट मिलने के बाद चार किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त मिठाई बनाने के लिए रखी गई दो किलोग्राम खराब खाद्य सामग्री भी नष्ट कराई गई।

यह निरीक्षण उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के निर्देश पर किया गया। अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना और उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता वाली सामग्री उपलब्ध कराना था। दल ने दुकानों में तैयार और इस्तेमाल की जा रही खाद्य सामग्री के साथ मिठाई निर्माण स्थलों की साफ-सफाई भी देखी।

जांच दल का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दुमका-2 डेजी नीलिमा तिग्गा और परीक्ष्यमान उपसमाहर्ता करिश्मा भगत ने किया। नगर थाना के पुलिस बल ने भी कार्रवाई में सहयोग दिया। निरीक्षण के दौरान पनीर की गुणवत्ता की मौके पर ही जांच की गई, जिसमें स्टार्च पाए जाने की बात सामने आई।

प्रशासनिक दल ने महाराजा स्वीट्स, माखन भोग, अग्रसेन स्वीट्स, नारायणी स्वीट्स, नारायणी जलपान तथा मोनिका स्वीट्स एवं रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच में मिली सामग्री पर कार्रवाई के साथ संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 16 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों में नियमित सफाई रखने और बेची या इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन करना कारोबारियों की जिम्मेदारी है।

त्योहारी अवधि में मिठाइयों और पनीर जैसे खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए की गई कार्रवाई में प्रशासन ने स्वच्छता, निर्माण प्रक्रिया और सामग्री की गुणवत्ता को जांच के दायरे में रखा। निरीक्षण के दौरान मिली छह किलोग्राम सामग्री को उपभोग या बिक्री से हटाकर नष्ट कराया गया।