दुमका में रविवार को भाजपा जिला कार्यालय की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड सरकार और झामुमो की नीतियों पर सवाल उठाए। उनकी प्रमुख टिप्पणियां कोयला नीति, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और दुमका के विकास से जुड़ी रहीं। ये बातें सांसद की ओर से प्रेसवार्ता में किए गए दावों और आरोपों पर आधारित हैं।
केंद्र के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम-2026 के विरोध में 19 सितंबर को झामुमो की ओर से दिए गए धरने का उल्लेख करते हुए दुबे ने कहा कि राज्य सरकार चाहे तो झारखंड से कोयले की आपूर्ति बंद कर दे। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार को इसकी जरूरत नहीं है और असली मुद्दा कोयला चोरी रोकना है। उनके अनुसार आने वाले समय में कोयले पर निर्भरता कम होगी।
सांसद ने दुमका में सोरेन परिवार के लंबे राजनीतिक प्रभाव पर भी प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व को जनता के बीच किए गए कार्यों का ब्योरा सामने रखना चाहिए। दुमका और गोड्डा की सड़कों की तुलना करते हुए उन्होंने दुमका की सड़कों को बदहाल बताया और गोड्डा में सड़कों की स्थिति बेहतर होने का दावा किया।
प्रेसवार्ता के दौरान दुबे ने कहा कि दुमका से दिल्ली और मुंबई के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी। हालांकि उपलब्ध विवरण में इस प्रस्तावित सेवा की समयसीमा, मार्ग, रेलवे की स्वीकृति या परिचालन कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई है। इसी दौरान उन्होंने टावर चौक के पास एक आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन भी किया।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सांसद ने राज्य सरकार पर हस्तक्षेप करने और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार पर दबाव बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में सचिव और रांची के उपायुक्त की जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को झारखंड से बाहर रखा जाना चाहिए। उपलब्ध विवरण में राज्य सरकार या संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
दुबे ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की जीत का हवाला देते हुए युवाओं के राजनीतिक रुझान पर भी अपनी बात रखी। प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल, मृणाल मिश्रा, जयप्रकाश मंडल, मनोज साह, सुरेश मुर्मू, सीताराम पाठक और बिमल मरांडी मौजूद थे।