दुमका में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति से वंचित पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में कल्याण विभाग की योजनाओं और विद्यार्थियों से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि जिले का कोई भी योग्य विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों को लाभ नहीं पाने वाले पात्र बच्चों की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई करने और योजना का लाभ समय पर पहुंचाने को कहा गया।
छात्रावासों में रहने वाले बच्चों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने शौचालय, सेप्टिक टैंक, पेयजल और साफ-सफाई की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। छात्रावासों में लंबित तथा जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा गया।
सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को छात्रावासों का लगातार निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ समय बिताने, बातचीत करके उनकी छोटी-बड़ी समस्याएं जानने और संबंधित विभागों व अधिकारियों के समन्वय से समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
समीक्षा में छात्रावासों के निर्माण और हैंडओवर, विद्यालयों के मरम्मत कार्य तथा बच्चों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रगति भी देखी गई। अधिकारियों को आवश्यक मरम्मत समय पर पूरी कराने और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के लिए कार्रवाई करने का निर्देश मिला।
उपायुक्त ने कल्याण विभाग की सभी योजनाओं को निर्धारित पात्रता रखने वाले लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।