खरसावां के बुरुडीह स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नामांकन प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। काउंसलिंग में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए वे आईटीआई के सामने सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर बैठ गए। इसके कारण सड़क पर करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
अभ्यर्थियों का कहना था कि काउंसलिंग के दौरान स्पष्ट नीति नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने नामांकन की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से संचालित करने की मांग रखी, ताकि किसी आवेदक के साथ अन्याय न हो। प्रदर्शन दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुआ था।
संस्थान के प्राचार्य शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है। उनके अनुसार, आईटीआई के नौ अलग-अलग ट्रेड में कुल 196 सीटों पर नामांकन होना है। इनमें कुछ सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों और दूसरे निर्धारित कोटे के लिए आरक्षित हैं।
प्राचार्य ने बताया कि पिछले दो दिनों से काउंसलिंग चल रही है और संबंधित ट्रेड में उपलब्ध सीटों के आधार पर ही प्रवेश दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, करीब 180 सीटों की नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आवेदकों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक है, लेकिन प्रवेश केवल निर्धारित क्षमता के भीतर ही लिया जा सकता है।
गुरुवार को खरसावां में साप्ताहिक हाट के कारण इस मार्ग पर पहले से सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक आवाजाही थी। प्रदर्शन के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। बस, ऑटो, मोटरसाइकिल और दूसरे छोटे-बड़े वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे हाट तथा अन्य स्थानों की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी हुई।
जाम की सूचना मिलने पर खरसावां थाना प्रभारी राहुल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों और अभिभावकों से बातचीत की। समझाने के बाद वे सड़क से हटने पर सहमत हुए और करीब 1:30 बजे जाम समाप्त हो गया। इसके बाद सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन सामान्य हो सका।