दुमका समाहरणालय में अधिकारियों ने चलाया स्वच्छता अभियान, कर्मचारियों और नागरिकों को दिलाई शपथ

‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत दुमका समाहरणालय परिसर में सफाई अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने झाड़ू लगाई और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

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दुमका समाहरणालय परिसर में स्वच्छता अभियान में भाग लेते अधिकारी और कर्मचारी

दुमका समाहरणालय परिसर में शनिवार को ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत सफाई अभियान आयोजित किया गया। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, दुमका की ओर से हुए कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य प्रतिभागियों ने परिसर की साफ-सफाई में हिस्सा लिया। अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसमें सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत सहायक समाहर्ता अवनीश सिंह और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता की मौजूदगी में हुई। दोनों अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू लगाकर परिसर की सफाई की। कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।

सहायक समाहर्ता ने स्वच्छता को केवल सरकार की जिम्मेदारी मानने के बजाय प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वातावरण जरूरी है। इसके लिए लोगों को अपने आसपास के स्थानों को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यपालक अभियंता ने अभियान के उद्देश्यों को अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गांव-गांव जाकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि साफ-सफाई को किसी एक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की आदत में शामिल किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में बताया गया कि ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस अवधि में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और सफाई से जुड़ी गतिविधियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

समाहरणालय में आयोजित अभियान में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। जलसहिया दीदियों तथा संबंधित कर्मियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन के दौरान परिसर की सफाई के साथ ग्रामीण इलाकों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।