रांची के पथलकुदवा में दुकानदारों के विरोध से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकी

पथलकुदवा रोड पर नगर निगम की टीम को स्थानीय पार्षद, दुकानदारों और नागरिकों के विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी दुकानें हटाने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

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रांची के पथलकुदवा में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जमा स्थानीय लोग और सुरक्षाकर्मी

रांची के पथलकुदवा रोड स्थित गुदड़ी चौक पर शनिवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय पार्षद, दुकानदार और बड़ी संख्या में नागरिक कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हो गए। विरोध के कारण दोपहर तक वहां कोई तोड़फोड़ या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हो सकी।

दुकानदारों और प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई लोग वर्षों से इस स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दुकानें हटाने से पहले प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक स्थान या पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था किए बिना आजीविका के साधन हटाना उचित नहीं होगा।

मौके पर पुलिस बल के जवान और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। भीड़ और विरोध को देखते हुए प्रस्तावित कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।

नगर निगम के अनुसार, पथलकुदवा रोड पर करीब 19.3 डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बूचड़खाना चलाया जा रहा है। निगम इस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना चाहता है। वहां आम लोगों की सुविधा के लिए आधुनिक सामुदायिक भवन और आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की योजना बताई गई है।

कार्रवाई और विरोध के दौरान गुदड़ी चौक पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसका असर आसपास की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। पुरुलिया रोड से बहूबाजार की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को रुक-रुककर जाम का सामना करना पड़ा।

फिलहाल नगर निगम की जमीन खाली कराने की योजना और स्थानीय दुकानदारों की पुनर्वास संबंधी मांग आमने-सामने हैं। उपलब्ध विवरण में आगे की कार्रवाई के लिए कोई नई तारीख नहीं बताई गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रभावित दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर निगम की ओर से क्या निर्णय लिया जाएगा।