रांची में झारखंड पुलिस मुख्यालय ने दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 500 से अधिक अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। संशोधित आदेश के अनुसार, प्रशिक्षित लाठी बल, अलग-अलग वाहिनियों के जवान और मुख्यालय लाठी बल 14 से 23 अक्टूबर 2026 तक प्रतिनियुक्त रहेंगे।
आदेश में रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग, दुमका और चाईबासा क्षेत्र के लिए अतिरिक्त बल की व्यवस्था की गई है। रांची क्षेत्र में झारखंड सशस्त्र पुलिस की छठी वाहिनी के 50 प्रशिक्षित लाठी बल लगाए गए हैं। पलामू में जैप-1 और बोकारो में जैप-6 के 50-50 जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
हजारीबाग क्षेत्र के लिए एसआईआरबी-2 के 50 लाठी बल दिए गए हैं। ये जवान हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में काम करेंगे। चाईबासा क्षेत्र में भी जैप-6 के 50 प्रशिक्षित लाठी बल तैनात किए गए हैं। संबंधित क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार इनकी ड्यूटी तय की जा सकेगी।
दुमका क्षेत्र में जैप-1 की आरएपी-5 कंपनी को अस्थायी शिविर के साथ प्रतिनियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय के नियंत्रण में 50 मुख्यालय लाठी बल को रिजर्व रखा गया है। इस रिजर्व बल का शिविर रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में रहेगा।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक, प्रतिनियुक्त बल पूरी निर्धारित अवधि में उपलब्ध रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग विधि-व्यवस्था संभालने तथा किसी आकस्मिक स्थिति का सामना करने के लिए किया जा सकेगा। रिजर्व व्यवस्था से जरूरत के आधार पर अतिरिक्त जवानों को संबंधित स्थान पर भेजने की सुविधा रहेगी।
दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों, प्रमुख चौक-चौराहों और अधिक भीड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। अतिरिक्त बल की यह तैनाती राज्य के छह प्रमुख पुलिस क्षेत्रों और मुख्यालय स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।