नेमरा में श्राद्ध कार्यक्रम के लिए 55 पुलिस अधिकारियों की तैनाती, 15 से 19 अक्टूबर तक व्यवस्था

रामगढ़ के नेमरा गांव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारी की है।

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रामगढ़ के नेमरा गांव में श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर पुलिस की सुरक्षा तैयारी

रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारी की गई है। कार्यक्रम 15 से 19 अक्टूबर तक होना है। पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार अलग-अलग जिलों और इकाइयों से कुल 55 पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनके अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

प्रतिनियुक्त अधिकारियों को 15 अक्टूबर की दोपहर तक अपने निर्धारित स्थान पर योगदान देने का निर्देश है। कार्यक्रम पूरा होने के बाद वे 19 अक्टूबर के पूर्वाह्न में लौटेंगे। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक को अधिकारियों के योगदान, ड्यूटी और वापसी से संबंधित व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

तैनाती सूची में गिरिडीह, रांची, देवघर, हजारीबाग और पलामू समेत कई जिलों के अधिकारी शामिल हैं। रेल पुलिस तथा राज्य की दूसरी पुलिस इकाइयों में कार्यरत पदाधिकारियों को भी नेमरा में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्तरों के अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी।

इंडियन रिजर्व बटालियन की कई इकाइयों से भी वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके साथ विशेष कार्य बल और विशेष शाखा से जुड़े पदाधिकारियों को भी ड्यूटी दी गई है। संबंधित इकाइयों को आदेश भेजकर समय पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से 12 अक्टूबर को जारी एक अन्य आदेश में 13 वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति का भी उल्लेख है। इस सूची में पुलिस उप-महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी राज्य की विशेष इकाइयों के साथ रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, चतरा और गुमला जैसे जिलों से संबद्ध हैं।

दोनों आदेशों में प्रतिनियुक्ति की समयसीमा स्पष्ट रखी गई है। इस व्यवस्था के तहत नेमरा में होने वाले कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा प्रबंधन और विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारियां अलग-अलग जिलों तथा विशेष पुलिस इकाइयों के अधिकारियों के बीच बांटी गई हैं। अधिकारियों को तय समय पर कार्यस्थल पहुंचने और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वापस लौटने को कहा गया है।