दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पलामू प्रमंडल के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। तीनों जिलों में कुल 661 पूजा पंडाल चिह्नित किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अनुमति के बिना अपना थाना क्षेत्र या मुख्यालय नहीं छोड़ें।
पलामू प्रमंडल की सीमाएं छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़ी हैं। इसे देखते हुए अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू की गई है। इन रास्तों से आने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की योजना भी तैयार की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पलामू में करीब 2,700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। गढ़वा और लातेहार में लगभग 1,200-1,200 पुलिसकर्मियों को लगाने की तैयारी है। नवमी और दशमी से पहले विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने की भी योजना बनाई गई है।
तीनों जिलों में शांति समिति की बैठकें चल रही हैं और जिला स्तर की बैठकें भी प्रस्तावित हैं। प्रशासन ने पूजा समितियों को जरूरी दिशा-निर्देश उपलब्ध करा दिए हैं। पुलिस और दंडाधिकारी पंडालों की मजबूती का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। भीड़ प्रबंधन तथा विसर्जन स्थलों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल के अनुसार, प्रमंडल में दुर्गा पूजा की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई है। सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने के साथ पुलिस बल की तैनाती का खाका तैयार कर लिया गया है। अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्र में बने रहने का निर्देश इसी सुरक्षा योजना का हिस्सा है।
बिजली विभाग ने भी पूजा पंडालों के आसपास तैयारी की है। विभाग के अनुसार, चिह्नित 661 पंडालों में से 461 स्थानों पर बिजली के तार और पोल की स्थिति सामान्य मिली है, जबकि करीब 200 स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। कई इलाकों में जर्जर तारों की मरम्मत भी कराई गई है।