रांची में झारखंड पुलिस मुख्यालय ने दुर्गा पूजा और दशहरा के दौरान शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए पिछले पांच वर्षों की घटनाओं के आधार पर रणनीति तैयार की है। सभी जिलों से पूजा और प्रतिमा विसर्जन के समय सामने आए विवादों की जानकारी जुटाई गई है। इसका उद्देश्य पहले से जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतना है।
पुलिस की रिपोर्ट में वर्ष 2021 से 2025 तक जुलूस के मार्ग, तेज आवाज में डीजे, चंदा वसूली, आपसी मारपीट और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री से जुड़े मामलों को शामिल किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने जिलों को संवेदनशील पूजा पंडालों, विसर्जन मार्गों और पूर्व में विवाद वाले स्थानों की अलग सूची बनाने का निर्देश दिया है।
उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होगा। महासप्तमी 18 अक्टूबर तथा महाअष्टमी और महानवमी 19 अक्टूबर को होगी। विजयादशमी 20 अक्टूबर को है। कई स्थानों पर 20 और 21 अक्टूबर से प्रतिमा विसर्जन शुरू होकर अगले दो-तीन दिनों तक चल सकता है। इस अवधि में भीड़ बढ़ने के मद्देनजर पूजा आरंभ होने से लेकर विसर्जन जुलूस लौटने तक पुलिस तैनाती की योजना बनाई गई है।
पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में रांची, गोड्डा, साहिबगंज और गढ़वा सहित अलग-अलग जिलों की पुरानी घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इन मामलों में मुख्य रूप से रास्ते, डीजे, चंदा और सोशल मीडिया सामग्री जैसे विषयों पर तनाव की स्थिति बनने की जानकारी दर्ज है। इन्हीं अनुभवों के आधार पर संबंधित इलाकों में पहले से प्रशासनिक तैयारी करने पर जोर दिया गया है।
जिलों को पूजा समितियों के साथ समय रहते बैठक कर संभावित विवाद के बिंदुओं का समाधान करने को कहा गया है। जबरन चंदा मांगने वालों पर निगरानी और बिना अनुमति गतिविधियों को नियंत्रित करने पर भी ध्यान रहेगा। पुलिस की योजना का केंद्र संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाना और किसी छोटी घटना को बड़े विवाद में बदलने से रोकना है।