देवघर जनता दरबार में पेंशन, आवास और राजस्व मामलों पर सुनवाई; एक सप्ताह में रिपोर्ट के निर्देश

देवघर के समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में विभिन्न योजनाओं और राजस्व से जुड़ी शिकायतें सुनी गईं। उपायुक्त ने आवेदनों की भौतिक जांच कर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा।

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देवघर समाहरणालय में मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जनता दरबार आयोजित किया गया। इसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, पेंशन, आवास और राजस्व से जुड़ी अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। उपायुक्त ने शिकायतकर्ताओं की बात अलग-अलग सुनी और आवेदनों की जांच के बाद शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया।

जनता दरबार के दौरान राशन कार्ड में नाम जोड़ने, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन और राजस्व से संबंधित कुछ मामलों का संबंधित विभागों ने मौके पर ही निराकरण किया। अन्य विभागों से जुड़े आवेदन भी स्वीकार किए गए। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि इन आवेदनों की भौतिक जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए।

सुनवाई में पहुंचे दिव्यांग शंभु की आवश्यकता पर भी प्रशासन ने संज्ञान लिया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रशासन ने जनता दरबार को अलग-अलग विभागों से जुड़ी शिकायतों के एकीकृत निपटारे के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करते हुए अधिकारियों को आवेदकों के मामलों पर तत्परता से काम करने को कहा।

सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व उपनिरीक्षकों से अपने क्षेत्रों में सरकारी जमीन की पहचान करने को कहा। जिन स्थानों पर कब्जे की शिकायत या मामला सामने आया है, वहां भूमि की मापी कराने और संबंधित लोगों को कानूनी नोटिस देने का निर्देश दिया गया।

प्रशासन के निर्देश के अनुसार, निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं हटाए जाने पर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर निजी या व्यावसायिक निर्माण सहित किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में लागू कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाए जाएं।

सभी संबंधित विभागों को शिकायतों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त कार्यालय में जमा करने का निर्देश मिला है। इस व्यवस्था के जरिए आवेदनों के निष्पादन की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने अधिकारियों को शिकायतों का जल्द समाधान सुनिश्चित करने और प्रत्येक मामले में जांच के आधार पर स्पष्ट कार्रवाई करने को कहा है।