पलामू जन समाधान दिवस में उपायुक्त ने सुनीं शिकायतें, 15 दिन में कार्रवाई के निर्देश

मेदिनीनगर में आयोजित जन समाधान दिवस में विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने भूमि, आवास भुगतान और अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर 15 दिनों के भीतर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

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पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बुधवार को मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय सभागार में आयोजित जन समाधान दिवस में आम लोगों की शिकायतें सुनीं। जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे आवेदकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखकर उनके समाधान की मांग की।

सुनवाई के दौरान उपायुक्त ने आवेदनों की प्रतियां मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजीं। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की जांच करते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए 15 दिनों की समयसीमा तय करने की बात भी कही गई।

जन समाधान दिवस में भूमि और राजस्व से जुड़े कई आवेदन सामने आए। इनमें कथित रूप से अवैध एलपीसी जारी किए जाने और भूमि सुधार उप समाहर्ता के आदेश के बावजूद अंचल अधिकारी के स्तर से काम नहीं होने जैसी शिकायतें शामिल थीं। आवेदकों ने कब्जा हटाने से जुड़े मामले भी प्रशासन के सामने रखे।

कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जे के उद्देश्य से जबरन बुनियाद काटने का आरोप लगाया। मारपीट और रंगदारी मांगे जाने से संबंधित शिकायतें भी प्राप्त हुईं। ये सभी बातें आवेदकों के आरोपों के रूप में सामने आई हैं और प्रशासन ने संबंधित विभागों को जांच के बाद नियमानुसार कदम उठाने को कहा है।

आवास योजना से जुड़ी समस्या भी सुनवाई में उठी। एक आवेदन में अबुआ आवास की दूसरी किस्त का भुगतान नहीं होने की शिकायत की गई। इसके अतिरिक्त लोगों ने अपनी अन्य प्रशासनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन भी उपायुक्त को सौंपे।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों पर केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि तथ्यों की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने आवेदकों को उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अब संबंधित विभागों को भेजे गए आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।