देवघर में अकेले या जीवनसाथी के साथ रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस ‘सम्मान’ अभियान चला रही है। इस पहल के तहत बुजुर्गों का पंजीकरण कर संबंधित पुलिस अधिकारियों से उनका सीधा संपर्क कराया जाता है, ताकि किसी आवश्यकता या आपात स्थिति में उन्हें एक फोन पर मदद मिल सके। फिलहाल करीब 30 बुजुर्ग इस अभियान से जुड़े हैं।
पंजीकरण के बाद पुलिस अधिकारी बुजुर्गों के घर जाकर उनसे मुलाकात करते हैं। इस दौरान उनकी समस्याओं, पारिवारिक स्थिति और घर में काम करने वाले लोगों से संबंधित जानकारी ली जाती है। इसके बाद अधिकारी फोन पर उनका हालचाल लेते हैं और समय-समय पर घर भी पहुंचते हैं। पर्व-त्योहारों पर मुलाकात को भी इस संपर्क का हिस्सा बनाया गया है।
अभियान से जुड़े सेवानिवृत्त आईजी केडी सिंह विलियम्स टाउन की रानी कोठी में अकेले रहते हैं। उनकी पत्नी का 2019 में निधन हो चुका है, जबकि उनके दोनों बेटे दिल्ली और एनसीआर में रहते हैं। उनके मुताबिक, पुलिस से बने नियमित संपर्क के कारण अकेले रहने से जुड़ी असुरक्षा की भावना कम हुई है।
डॉ. टीपी सिंह अपनी पत्नी के साथ रहते हैं और उनकी तीनों बेटियां शहर से बाहर हैं। अभियान के अंतर्गत पुलिसकर्मियों के संपर्क में रहने से उन्हें सहारा मिलता है। जलसार रोड निवासी बिदेंश्वरी प्रसाद नारायण देव ने भी बताया कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पुलिस अधिकारी से संपर्क करने पर सहायता मिलती है।
बंपास टाउन में रहने वाले निरारेंदु दत्ता और निमिता दत्ता से भी पुलिस अधिकारी नियमित रूप से मिलने पहुंचते हैं। इसी तरह वृजभान सिंह पथ के सुमित्रा सदन में रहने वाले सेवानिवृत्त सरकारीकर्मी जय प्रकाश सिंह ने पर्व के अवसर पर पुलिस अधिकारी की मुलाकात को अपनापन देने वाला अनुभव बताया है।
इस योजना की शुरुआत लगभग एक वर्ष पहले देवघर के तत्कालीन एसपी सौरभ ने की थी। पहल का उद्देश्य पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत बुजुर्गों को सुरक्षा और जरूरी सहायता देना है। अभियान में दवा या चिकित्सकीय आपात स्थिति जैसी जरूरत आने पर भी अकेले अथवा जीवनसाथी के साथ रहने वाले बुजुर्गों की मदद करने की व्यवस्था बताई गई है।