हजारीबाग में खास महल की 796 एकड़ जमीन का सर्वे, संदिग्ध कब्जों और दस्तावेजों की होगी जांच

हजारीबाग के शहरी क्षेत्र में खास महल की जमीन का सर्वे चल रहा है। प्रशासन रिकॉर्ड, लीज, कब्जे और मौजूदा उपयोग का मिलान कर रहा है।

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हजारीबाग में खास महल की जमीन के रिकॉर्ड और कब्जों का सर्वे

हजारीबाग के शहरी क्षेत्र में स्थित खास महल की जमीन का प्रशासनिक सर्वे पिछले छह महीने से जारी है। सामने आई जानकारी के अनुसार, शहर में ऐसी करीब 796 एकड़ जमीन है। सर्वे के दौरान मूल रिकॉर्ड, लीज की स्थिति, मौजूदा कब्जे और भूमि के वर्तमान उपयोग का मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही संदिग्ध दस्तावेजों और कथित अवैध कब्जों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

मीडिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने सामान्य इकरारनामे और कथित फर्जी कागजात के आधार पर खास महल की जमीन पर कब्जा किया। कई स्थानों पर मकान, मॉल, होटल, रेस्तरां और दूसरे व्यावसायिक भवन बनने की बात भी कही गई है। सबसे अधिक मामले दीपूगढ़ा क्षेत्र में सामने आने का दावा किया गया है, हालांकि प्रत्येक भूखंड की वैधानिक स्थिति अभी सर्वे और दस्तावेजों की जांच के अधीन है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मामलों में 11 महीने के इकरारनामे को लंबे समय तक जमीन पर अधिकार का आधार बताकर लेन-देन का प्रयास किया गया। ऐसे दावों पर भरोसा करके लोगों द्वारा बड़ी रकम लगाने और निर्माण कराने की बात सामने आई है। प्रशासनिक जांच में यह देखा जा रहा है कि संबंधित जमीन के लिए वैध लीज उपलब्ध है या केवल निजी समझौते को अधिकार के दस्तावेज के रूप में पेश किया गया।

खास महल की जमीन सरकारी संपत्ति होती है और निर्धारित नियमों के तहत अलग-अलग उपयोग के लिए लीज पर दी जा सकती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इसकी लीज अवधि 30 वर्ष हो सकती है तथा जमीन का उपयोग तय शर्तों और अनुमति के अनुरूप करना आवश्यक है। सामान्य इकरारनामा अपने आप जमीन का मालिकाना अधिकार नहीं देता।

सर्वे में खास महल की करीब 136 एकड़ जमीन के रिज्यूम होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके साथ ही केसर हिंद की कुछ जमीनों और उन पर बने व्यावसायिक निर्माणों से संबंधित दस्तावेजों पर भी सवाल उठे हैं। इन मामलों में मूल अभिलेख, निर्माण की अनुमति और कब्जे की प्रकृति की जांच के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

सदर अंचल अधिकारी सह खास महल पदाधिकारी आशुतोष कुमार के अनुसार सर्वे का काम अभी चल रहा है और इसे जल्द पूरा करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि जांच में चिह्नित लोगों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से दस्तावेजों की वैधता जांचे बिना खास महल की जमीन की खरीद-बिक्री या उसमें पैसा लगाने से बचने की अपील की है।