देवघर जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत निर्धारित पौधरोपण लक्ष्य का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा हुआ है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के लगभग 2,200 स्कूलों में 1.40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक करीब 98 हजार पौधे लगाए गए हैं और लगभग 40 हजार पौधों का रोपण बाकी बताया गया है।
जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार के मुताबिक, पांच जून से स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थी इस अभियान में भाग ले रहे हैं। 13 सितंबर तक जिले में करीब 36 हजार पौधे लगाए जाने की रिपोर्ट थी। इसके बाद एक महीने में पौधरोपण की संख्या बढ़ी और यह लगभग 98 हजार तक पहुंच गई।
अभियान की शुरुआती गति धीमी रहने के पीछे श्रावणी मेले को एक कारण बताया गया है। मेले के दौरान कुछ विद्यालय परिसरों का इस्तेमाल सुरक्षाकर्मियों के ठहरने के लिए किया गया था। स्कूलों के कुछ कर्मचारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के कारण परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल प्रभावित हुई और कुछ पौधों को नुकसान भी पहुंचा।
पौधे लगाने के साथ उनका संरक्षण स्कूलों के लिए दूसरी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। एक सरकारी विद्यालय की प्रधानाचार्य पूजा सिंह के अनुसार, उनके स्कूल में 50 से अधिक पौधे लगाए गए थे, लेकिन समुचित देखरेख नहीं होने से आधे से अधिक पौधे ठीक तरह विकसित नहीं हो सके। विद्यालय प्रबंधन ने सुरक्षित बचे पौधों की देखभाल जारी रखने की बात कही है।
जिला शिक्षा विभाग की जानकारी के अनुसार, पौधों की सुरक्षा और देखरेख के लिए प्रत्येक स्कूल को लगभग दो से तीन हजार रुपये दिए जाते हैं। अभियान का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखते हुए विकसित करना भी है। इसमें सरकारी विभागों, विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जोड़ा गया है।
विभागीय आंकड़ों में संताल परगना के अन्य जिलों की प्रगति भी सीमित बताई गई है। साहिबगंज और जामताड़ा में लक्ष्य का करीब 15 प्रतिशत तथा गोड्डा, दुमका और पाकुड़ में औसतन लगभग 30 प्रतिशत पौधरोपण होने की जानकारी है। इन आंकड़ों के बीच देवघर की प्रगति बेहतर है, लेकिन शेष लक्ष्य पूरा करने और लगाए गए पौधों को बचाने के लिए निगरानी की जरूरत बनी हुई है।