देवघर जिले में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटरों का चार माह का मानदेय लंबित है। अप्रैल से सितंबर 2026 तक की छह माह की अवधि में उन्हें केवल अप्रैल और मई का भुगतान मिला है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर का मानदेय नहीं मिलने से ऑपरेटरों ने आर्थिक परेशानी बढ़ने की बात कही है।
जिले के सभी 10 प्रखंडों में एक-एक एमडीएम कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त जिला कार्यालय में भी एक ऑपरेटर तैनात है। इस तरह योजना से संबंधित कंप्यूटर कार्य संभाल रहे कुल 11 ऑपरेटर लंबित भुगतान से प्रभावित हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला स्तर पर कार्यरत ऑपरेटर को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। प्रखंड स्तर के ऑपरेटरों का मासिक मानदेय 12 हजार रुपये है। ऑपरेटरों का कहना है कि सीमित आय में परिवार का खर्च चलाना पहले से कठिन है और लगातार चार माह का भुगतान रुकने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ऑपरेटरों के अनुसार, नियमित रूप से काम करने के बाद भी समय पर मानदेय नहीं मिलने का असर रोजमर्रा की घरेलू जरूरतों पर पड़ रहा है। बढ़ते खर्च के बीच उन्हें परिवार के भरण-पोषण और आवश्यक सामान की व्यवस्था करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दशहरा नजदीक होने के कारण भुगतान में देरी को लेकर उनकी चिंता और बढ़ गई है। ऑपरेटरों ने बताया कि त्योहार के समय बच्चों के कपड़े और अन्य घरेलू आवश्यकताओं पर अतिरिक्त खर्च होता है, लेकिन कई महीनों का मानदेय बाकी रहने से इन जरूरतों को पूरा करना चुनौती बन गया है।
प्रभावित ऑपरेटरों ने संबंधित विभाग से चार माह का बकाया मानदेय शीघ्र जारी कराने की मांग की है। उपलब्ध विवरण में भुगतान लंबित रहने का कारण या इसे जारी करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। फिलहाल ऑपरेटर विभागीय स्तर से भुगतान संबंधी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।