रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने JSSC-CGL समेत विभिन्न नियुक्तियों को रद्द करने से संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर लगी रोक अगले आदेश तक बरकरार रखी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान प्रार्थियों और राज्य सरकार, दोनों का पक्ष सुना। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे निर्धारित की गई है।
सुनवाई में अदालत ने कहा कि केवल एक अधिसूचना के आधार पर विभिन्न विभागों में नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों को प्राकृतिक न्याय की प्रक्रिया का पालन किए बिना सेवा से नहीं हटाया जा सकता। रोक जारी रहने के कारण फिलहाल संबंधित नियुक्तियों पर अधिसूचना का प्रभाव लागू नहीं होगा।
राज्य सरकार की ओर से मामले में शपथ पत्र दाखिल किया गया। प्रार्थियों ने इस पर प्रति-उत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। सभी पक्षों की सहमति के बाद अगली सुनवाई की तारीख तय की गई।
अदालत ने एसआईटी जांच से जुड़े विषयों के लिए सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को निगरानी की जिम्मेदारी दी है। आदेश के अनुसार, यदि जांच के दौरान किसी नियुक्त अभ्यर्थी को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायत होती है, तो वह उनके समक्ष अपनी बात रख सकता है।
इन मामलों में आकाश गौरव एवं अन्य तथा निरोज खेस एवं अन्य की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाओं के माध्यम से नियुक्तियों से जुड़ी राज्य सरकार की कार्रवाई को चुनौती दी गई है। अदालत ने अभी विवाद के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है और अंतरिम रोक को ही जारी रखा है।
अब प्रार्थियों की ओर से राज्य सरकार के शपथ पत्र पर जवाब आने के बाद सुनवाई आगे बढ़ेगी। 7 अक्टूबर की कार्यवाही में अदालत के सामने दोनों पक्षों के लिखित और मौखिक तर्क रखे जाने की संभावना है। तब तक नियुक्त अभ्यर्थियों की स्थिति से संबंधित मौजूदा अंतरिम व्यवस्था प्रभावी बनी रहेगी।