देवघर में दुर्गा पूजा और विजयादशमी के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज किया है। विभाग का ध्यान दुकानों के साथ मेला क्षेत्रों और पूजा पंडालों के आसपास खाद्य पदार्थ बेचने वाले ठेलों तथा खोमचों पर भी है।
जिला खाद्य सुरक्षा कार्यालय के अनुसार, अभियान के तहत अब तक जिले की 100 दुकानों में छापेमारी और जांच की गई है। अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल 15 नमूने एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों के जरिए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जानी है।
जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर कुमार ने बताया कि त्योहार के कारण देवघर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी है। इसी को देखते हुए बिक्री के लिए रखी गई खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि लोगों को मिलावटी या असुरक्षित भोजन से बचाया जा सके।
मेले के दौरान चाट, छोले और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। विभाग इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रंगों और दूसरी सामग्रियों की गुणवत्ता भी देख रहा है। अभियान का उद्देश्य मिलावटी रंग तथा असुरक्षित सामग्री के इस्तेमाल को रोकना और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है।
विभाग के मुताबिक, कई दुकानों में सही और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। हालांकि, खाद्य सामग्री से जुड़ी जानकारी देने और कारोबार में पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर अभी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। दुकानदारों से निर्धारित मानकों का पालन करते हुए ग्राहकों को सुरक्षित सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दिवाली के दौरान अभियान को और तेज करने की बात कही है। उस समय मिठाई, दूध और दूध से बने उत्पादों की खरीद बढ़ने के कारण इनकी गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी। विभाग का कहना है कि त्योहारों की भीड़ के बीच खाद्य पदार्थों की नियमित जांच लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जारी रखी जा रही है।