लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र स्थित चिताकोनी गांव में पैकेटबंद बिरयानी खाने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से दो बच्चों को इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीसरे बच्चे का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार से आठ वर्ष की उम्र के तीनों बच्चे सोमवार शाम अपने परिजनों के साथ चंदलासो गांव के पूजा पंडाल गए थे। लौटते समय उन्होंने एक दुकान से पैकेटबंद बिरयानी खरीदी और रास्ते में खाई। घर पहुंचने के बाद तीनों को उल्टी होने लगी और उनकी हालत बिगड़ने लगी।
परिजनों के मुताबिक, दो बच्चों की स्थिति अधिक गंभीर दिखाई देने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद एक बच्ची को सोमवार रात ही रांची रेफर कर दिया गया। दूसरे बच्चे की हालत गंभीर होने पर परिजन मंगलवार सुबह उसे भी रांची ले गए। दोनों का वहां इलाज जारी है।
तीसरे बच्चे का गांव के एक निजी क्लिनिक में उपचार कराया गया। परिजनों ने यह भी बताया कि बाद में उसे झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया। बच्चों की बीमारी का सटीक चिकित्सकीय कारण या खाद्य सामग्री की जांच से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
घटना की सूचना मिलने पर चंदलासो पंचायत की मुखिया, मुखिया प्रतिनिधि और पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि चिताकोनी पहुंचे। उन्होंने बच्चों के परिवारों से घटनाक्रम की जानकारी ली और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में सहायता का प्रयास किया।
फिलहाल उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं है कि पैकेटबंद खाद्य सामग्री का कोई नमूना जांच के लिए लिया गया है या संबंधित दुकान की पड़ताल हुई है। ऐसे में बच्चों की तबीयत बिगड़ने को बिरयानी की गुणवत्ता या किसी अन्य निश्चित कारण से जोड़ने वाली आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।