देवघर में एक महीने तक चला राजकीय श्रावणी मेला शुक्रवार को संपन्न हो गया। सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन दोपहर बाद बाबा बैद्यनाथ मंदिर में परंपरा के अनुसार अरघा हटा दिया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा दोबारा शुरू हो गई।
मेले के अंतिम दिन मंदिर में कांवरियों की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। श्रद्धालुओं को फुट ओवरब्रिज के रास्ते प्रवेश कराया गया। अरघा हटाए जाने और विशेष पूजा पूरी होने के बाद आम श्रद्धालुओं ने भी मंदिर में स्पर्श पूजा की।
श्रावणी मेले के समापन पर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीणा और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा की। अधिकारियों ने षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना कर मेले के सफल संचालन के लिए आभार व्यक्त किया।
पूजा के बाद मां तारा मंदिर के पास उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया। प्रशासन के अनुसार, महीने भर चले मेले के दौरान देवघर पहुंचे श्रद्धालुओं को सुगमता से जलार्पण कराने के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं।
उपायुक्त ने बताया कि श्रावणी मेले के बाद शुरू होने वाले भादो मेले की तैयारी भी कर ली गई है। इस अवधि में भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कतारबद्ध दर्शन और पूजा की व्यवस्था जारी रखी जाएगी।
भादो मेले के दौरान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि पूजा के दौरान आगंतुकों को परेशानी न हो, इसके लिए पूर्व की तरह आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।