हजारीबाग में निर्माणाधीन जलमीनार ध्वस्त करने का आरोप, मंत्री ने जांच और प्राथमिकी के निर्देश दिए

बड़कागांव की पेयजल योजना के तहत बन रही जलमीनार को ध्वस्त किए जाने पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जांच, प्राथमिकी और नुकसान की भरपाई की कार्रवाई का निर्देश दिया है।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
हजारीबाग के बड़कागांव में पेयजल योजना की निर्माणाधीन जलमीनार से जुड़ा मामला

हजारीबाग जिले के बड़कागांव क्षेत्र में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत बनाई जा रही जलमीनार को ध्वस्त किए जाने का मामला सामने आया है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि एनटीपीसी ने डायनामाइट का उपयोग कर इस संरचना को गिरा दिया। उन्होंने मामले की जांच कराने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

मंत्री के मुताबिक जलमीनार का निर्माण करीब 12.78 करोड़ रुपये की योजना के अंतर्गत हो रहा था और काम लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका था। संबंधित ठेकेदार को करीब 10.70 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने की बात भी कही गई है। यह योजना बड़कागांव और आसपास के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए तैयार की जा रही थी।

योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें समीक्षा बैठक के दौरान घटना की जानकारी मिली। उनके अनुसार जलमीनार को हटाने से पहले न तो विभाग को सूचना दी गई और न ही उसे दूसरी जगह स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया। जिला प्रशासन को भी पूर्व सूचना नहीं दिए जाने का दावा किया गया है।

विभाग की ओर से 31 अक्टूबर को स्थानीय थाना प्रभारी को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। मंत्री ने कार्यपालक अभियंता को पूरे प्रकरण की छानबीन कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने क्षेत्र में चल रही सात छोटी पेयजल योजनाओं को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात कही और उनकी जांच कराने को कहा है।

मंत्री ने यह भी बताया कि इसी वर्ष आठ जनवरी को योजना की सर्विस पाइप क्षतिग्रस्त होने की सूचना विभागीय अभियंताओं ने स्थानीय थाने को दी थी। उनके अनुसार जलमीनार ध्वस्त होने से क्षेत्र की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना फिलहाल प्रभावित हुई है।

योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि खनन क्षेत्र में किसी सरकारी योजना से बाधा होने पर संबंधित कंपनी को विभाग से संपर्क कर स्थानांतरण की निर्धारित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हाल की हजारीबाग बैठक में कंपनी के महाप्रबंधक से जानकारी मांगी गई थी। मंत्री ने योजना को पूरा कराने और हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति लेने की बात कही है। मामले में जांच रिपोर्ट और प्राथमिकी की आगे की स्थिति अभी सामने नहीं आई है।