देवघर में पुलिस की चार विशेष इकाइयों को एक ही परिसर में लाने के लिए करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से सात मंजिला भवन बनाने की तैयारी है। जी-प्लस-सिक्स स्वरूप का यह भवन मौजूदा साइबर थाना परिसर में प्रस्तावित है। इसके तैयार होने पर साइबर अपराध, महिलाओं, एससी-एसटी और मानव तस्करी से संबंधित मामलों के लिए संचालित विशेष थाने एक स्थान पर उपलब्ध होंगे।
शुक्रवार को देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ एमकेएस कंस्ट्रक्शन के निदेशक मनोज सिंह, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के इंजीनियर और सार्जेंट मेजर भी मौजूद थे। दल ने साइबर थाना और पुलिस क्वार्टर के पीछे के हिस्से का जायजा लिया तथा निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ली।
प्रस्तावित भवन में भूतल पर पार्किंग की सुविधा रखी जाएगी। इसमें आधुनिक लिफ्ट, थाना प्रभारी कक्ष, कार्यालय, अभिलेख कक्ष, जांच कक्ष, बैठक कक्ष, हाजत और कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल बनाने की योजना है। शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों के लिए प्रतीक्षा कक्ष भी प्रस्तावित है।
परिसर में पेयजल के साथ महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग शौचालय तथा बैठने की व्यवस्था भी होगी। चार विशेष थानों के एक जगह संचालित होने से संबंधित मामलों में लोगों को अलग-अलग थाना परिसरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। भवन निर्माण की निविदा प्रक्रिया पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के माध्यम से पूरी हो चुकी है।
निर्माण का काम एमकेएस कंस्ट्रक्शन को दिया गया है और कंपनी समझौते की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुर्गा पूजा के बाद निर्माण शुरू होने की संभावना है। यह भवन गृह विभाग के निर्देश पर बनाया जाना है।
स्थल निरीक्षण के बाद पुलिस अधीक्षक ने नगर थाना परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने वायरलेस कार्यालय, यातायात थाना, बैरक, महिला थाना और नगर थाना के पास स्थित जर्जर क्वार्टर को देखा। नगर थाना की मरम्मत का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और परिसर को व्यवस्थित करने से जुड़ी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।