देवघर संप्रेषण गृह में बच्चियों के लिए 90 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण शुरू

देवघर के बाल सुधार गृह सह संप्रेषण गृह में 15 से 18 वर्ष की बच्चियों को ब्यूटीशियन, बेसिक कंप्यूटर और बेसिक हेल्थ का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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देवघर के बाल सुधार गृह सह संप्रेषण गृह में रहने वाली बच्चियों के लिए 90 दिवसीय कौशल संवर्धन कार्यक्रम शुरू किया गया है। मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में आरंभ हुई इस पहल का उद्देश्य 15 से 18 वर्ष की बच्चियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने में सहायता करना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत ब्यूटीशियन थेरेपिस्ट, बेसिक कंप्यूटर और बेसिक हेल्थ से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशिक्षण के लिए कुल 57 बच्चियों ने रुचि दिखाई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार ब्यूटीशियन पाठ्यक्रम में 27, बेसिक कंप्यूटर में 20 और बेसिक हेल्थ पाठ्यक्रम में 27 बच्चियों ने अपनी पसंद दर्ज कराई है।

उपायुक्त ने बच्चियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और संप्रेषण गृह में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रतिभागियों को पूरे मन से प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया। पहल का केंद्र कौशल विकसित करने के साथ बच्चियों को समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जोड़ना भी है।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीणा और देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि सौंदर्य सेवा, कंप्यूटर और प्राथमिक स्वास्थ्य शिक्षा जैसे व्यावहारिक कौशल भविष्य में बच्चियों को आर्थिक तथा सामाजिक रूप से मजबूत बनाने में उपयोगी हो सकते हैं।

प्रशिक्षण पूरा करने वाली बच्चियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक ये प्रमाणपत्र आगे रोजगार तलाशने या दूसरे अवसरों की ओर बढ़ने में उनके काम आ सकते हैं। कार्यक्रम में सुरक्षित और स्वावलंबी पुनर्वास पर भी जोर दिया गया।

शुभारंभ के दौरान एडीएसएस सरिता भारती, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, डीएमएफटी और कौशल विकास की टीमों के साथ संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। निर्धारित 90 दिनों में प्रशिक्षण को पूरा कराने और प्रतिभागियों के कौशल को विकसित करने की योजना है।