पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में कारो नदी के किनारे पौधारोपण कार्य से जुड़े 30 मजदूरों और तीन वाचर गार्ड का मानदेय पिछले आठ महीने से लंबित है। भुगतान नहीं होने से नाराज श्रमिकों ने सोमवार को नुईया गांव में बैठक कर अपनी समस्याएं सामने रखीं और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया।
यह पौधारोपण कार्य गुवा वन विभाग की ओर से कराया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि उनसे लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन मानदेय जारी करने में काफी देर हो रही है। लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे श्रमिकों में इसे लेकर आक्रोश बढ़ रहा है।
बैठक की अध्यक्षता नुईया गांव के ग्रामीण मुंडा दुरसू चाम्पिया ने की। इसमें मौजूद मजदूरों ने एकजुट होकर बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग रखी। उनका कहना था कि आठ महीने तक मेहनताना नहीं मिलने से दैनिक जरूरतें पूरी करना और परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।
श्रमिकों ने बैठक में आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्णय लिया कि यदि वन विभाग ने शीघ्र बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया तो वे गुवा वन विभाग कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस तरह मजदूरों ने भुगतान के लिए विभाग को सामूहिक रूप से अपनी मांग से अवगत कराया है।
मामले पर वन विभाग की अधिकारी अनुराधा मिश्रा ने मजदूरों के लंबित मानदेय का जल्द भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया। हालांकि उपलब्ध विवरण में भुगतान की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। ऐसे में मजदूर अब विभाग की ओर से राशि जारी किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बैठक में ग्रामीण प्रतिनिधि के साथ पौधारोपण कार्य से जुड़े कई मजदूर शामिल हुए। उनका मुख्य आग्रह यही रहा कि किए गए काम का बकाया मेहनताना बिना और देरी के दिया जाए। भुगतान होने तक श्रमिकों की नाराजगी और प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन का निर्णय बना हुआ है।