धनबाद के छह विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे 30 नए बिजली सबस्टेशन

जेबीवीएनएल की योजना के तहत धनबाद में 30 नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे। इससे मौजूदा केंद्रों पर दबाव घटाने और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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धनबाद जिले की बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में 30 नए सबस्टेशन बनाने की योजना है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की इस पहल से शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली का भार अधिक संतुलित ढंग से बांटने तथा मौजूदा सबस्टेशनों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अभी जिले के कई क्षेत्रों में लंबी बिजली लाइनों और बढ़ते लोड के कारण आपूर्ति प्रभावित होती है। गर्मी और बारिश के दौरान ओवरलोडिंग तथा तकनीकी खराबी से बिजली बाधित होने की समस्या भी सामने आती है। प्रस्तावित सबस्टेशनों के बनने पर अलग-अलग इलाकों की मांग को स्थानीय स्तर पर संभालना आसान हो सकता है।

योजना में 33/11 केवीए बिजली लाइनों की लंबाई सीमित रखने का लक्ष्य भी शामिल है। शहरी क्षेत्रों में ऐसी लाइनों को पांच से दस किलोमीटर तक रखने की योजना है, जबकि ग्रामीण इलाकों में इनकी लंबाई 15 से 20 किलोमीटर तक सीमित रखने का प्रस्ताव है। इससे लंबे फीडरों पर निर्भरता घटाई जा सकेगी।

लाइनें छोटी होने पर तकनीकी खराबी की स्थिति में फॉल्ट वाले स्थान की पहचान और मरम्मत में सहूलियत मिलने की संभावना है। किसी एक हिस्से में गड़बड़ी आने पर अपेक्षाकृत छोटे क्षेत्र की आपूर्ति प्रभावित होगी और बड़े इलाके में एक साथ बिजली बंद होने का जोखिम कम किया जा सकेगा।

नए सबस्टेशनों के माध्यम से बिजली लोड को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटना भी संभव होगा। इससे वितरण नेटवर्क का संचालन अधिक व्यवस्थित करने और उपभोक्ताओं तक अपेक्षाकृत संतुलित आपूर्ति पहुंचाने में सहायता मिल सकती है। योजना में शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को भी शामिल किया गया है।

इन सबस्टेशनों के निर्माण और मौजूदा बिजली नेटवर्क के पुनर्गठन के बाद ही सुधार का वास्तविक असर स्पष्ट होगा। फिलहाल योजना का प्रमुख उद्देश्य छहों विधानसभा क्षेत्रों में वितरण ढांचे को मजबूत करना, मौजूदा केंद्रों का भार घटाना और खराबी के समय प्रभावित क्षेत्र को सीमित रखना है।