देवघर जिले के करौं प्रखंड स्थित चांदचौरा गांव के मूल निवासी जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा की गई है। 28 सितंबर को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम सहित तीन न्यायाधीशों के नाम केंद्र सरकार को भेजे। जस्टिस सिंह फिलहाल तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं।
कॉलेजियम ने जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के अलावा गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के नाम की भी अनुशंसा की है। यह अभी अनुशंसा का चरण है; उपलब्ध विवरण में नियुक्ति की अधिसूचना जारी होने की जानकारी नहीं दी गई है।
जस्टिस सिंह की शुरुआती पढ़ाई देवघर के सन फ्रांसिस स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1990 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के बाद उन्होंने वर्ष 2000 तक पटना हाईकोर्ट में वकालत की।
झारखंड के गठन के बाद उन्होंने वर्ष 2001 से झारखंड हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। 24 जनवरी 2012 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद अप्रैल 2023 में उन्होंने त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।
जुलाई 2025 में जस्टिस सिंह का स्थानांतरण तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में हुआ। इस तरह अधिवक्ता से लेकर दो हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने तक उनकी न्यायिक यात्रा में झारखंड, त्रिपुरा और तेलंगाना से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल रहे हैं।
उनका परिवार भी विधि क्षेत्र से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके छोटे भाई तपेश कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट में और रूपेश कुमार सिंह झारखंड हाईकोर्ट में वकालत करते हैं। कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद अब आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर होगी।