धनबाद के बारामुड़ी खटाल क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ी है। धनबाद अंचल कार्यालय की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में 155 मकानों और दुकानों के बाहर नोटिस चिपकाए हैं। नोटिस पाने वाले लोगों को दो या तीन नवंबर तक अंचल अधिकारी के कार्यालय में उपस्थित होकर जमीन और निर्माण के संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, खाता संख्या 222 और प्लॉट संख्या 500 की लगभग 18 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला है। प्रशासन ने दो दिन पहले संबंधित जमीन की मापी कराई थी। इसके बाद बिहार पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट, 1956 के तहत अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया शुरू करते हुए नोटिस जारी किए गए।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि बारामुड़ी में 155 लोगों को नोटिस दिया गया है और पक्के निर्माण स्वयं हटाने को कहा गया है। उनके मुताबिक, निर्माण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन उसे हटाने की कार्रवाई करेगा। उन्होंने सड़क को साफ और सुरक्षित रखने को इस अभियान का उद्देश्य बताया तथा लोगों से मवेशियों को सड़क पर नहीं छोड़ने की अपील की।
कार्रवाई के दौरान बारामुड़ी खटाल के पीछे स्थित एक होटल को भी नोटिस दिया गया। प्रशासन ने होटल संचालक पर 47 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया है और उन्हें दो नवंबर को अंचल कार्यालय में पक्ष रखने को कहा है। ये आरोप प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और संबंधित पक्षों का जवाब अभी लिया जाना है।
अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार की मौजूदगी में चली कार्रवाई के दौरान खटाल परिसर से 100 बोरी से अधिक कोयला भी जब्त किया गया। प्रशासन का दावा है कि वहां कोयले का अवैध भंडारण किया गया था। मौके पर मौजूद जवानों ने अंचल अधिकारी के निर्देश पर कोयला अपने कब्जे में लिया।
दूसरी ओर, यादव समाज के नेता बसंत यादव ने पक्ष रखने के लिए और समय देने की मांग की है। एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा और संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने भी प्रभावित परिवारों की आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और पुनर्वास का मुद्दा उठाया है। संगठनों ने चार नवंबर की प्रस्तावित रैली को समर्थन देते हुए प्रशासन से प्रभावित लोगों के संबंध में मानवीय और न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की है।