रांची में घर-घर कचरा उठाने की व्यवस्था पर हर महीने छह करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद कई मोहल्लों में सेवा नियमित नहीं रहने की शिकायत सामने आई है। नगर निगम ने यह जिम्मेदारी स्वच्छता कॉरपोरेशन को सौंपी है, लेकिन कुछ इलाकों में कूड़ा वाहन समय पर नहीं पहुंचने से घरों और मोहल्लों में कचरा जमा हो रहा है।
शहर में कचरा उठाने के लिए कंपनी की ओर से 350 से अधिक वाहन चलाए जाने की जानकारी दी गई है। इन वाहनों में साउंड सिस्टम लगाया गया है, जिससे जिंगल बजाकर लोगों को वाहन आने की सूचना दी जाती है। शिकायत है कि कई वाहनों में जिंगल नहीं बजने के कारण लोगों को उनके आने का पता नहीं चल पाता।
ऐसी स्थिति में कई निवासी कचरा लेकर बाहर निकलते हैं, तब तक वाहन उनके इलाके से गुजर चुका होता है। इसके बाद कचरा घर में ही रखना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से वाहनों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और सभी गाड़ियों के साउंड सिस्टम को चालू रखने की मांग की है।
वार्ड आठ की पार्षद संगीता देवी ने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकतर वाहनों में जिंगल नहीं बजता और कुछ कर्मचारी इसे बंद रखकर वार्ड से निकल जाते हैं। वार्ड 20 के पार्षद सुनील यादव ने भी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वार्डों में निर्धारित संख्या के मुकाबले कम वाहन कचरा उठाने के काम में लगाए जा रहे हैं।
इन आरोपों पर स्वच्छता कॉरपोरेशन के निदेशक रामेश्वर साहु ने कहा कि कूड़ा वाहनों के साउंड सिस्टम की नियमित अंतराल पर मरम्मत कराई जाती है। उन्होंने भरोसा दिया कि जिन वाहनों में फिलहाल जिंगल नहीं बज रहा है, उनके साउंड सिस्टम को दुरुस्त कराया जाएगा।
शहर की सफाई व्यवस्था में कूड़ा वाहनों की नियमित आवाजाही के साथ लोगों को समय पर सूचना मिलना भी जरूरी है। शिकायतों और पार्षदों की आपत्तियों के बाद अब निगरानी, वाहनों की वास्तविक उपलब्धता और खराब साउंड सिस्टम की समयबद्ध मरम्मत व्यवस्था में सुधार की प्रमुख कसौटी होगी।