धनबाद जिले के सरकारी हाईस्कूल और प्लस टू स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना धनबाद ने स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर इस दिशा में आवश्यक निर्देश दिए हैं।
बैठक में रांची की एक एजेंसी के प्रतिनिधि भी ऑनलाइन शामिल हुए। इस दौरान विद्यालयों में तकनीक के उपयोग की संभावनाओं और विद्यार्थियों तक एआई से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई। संस्था के विशेषज्ञ प्रशिक्षण की रूपरेखा और आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप दे रहे हैं।
चर्चा के दौरान कई प्रधानाध्यापकों ने विद्यालयों में आईसीटी शिक्षक उपलब्ध नहीं होने या सामान्य रूप से शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षकों की एसआईआर कार्य में प्रतिनियुक्ति के कारण नियमित कक्षाओं के संचालन में आ रही परेशानी की जानकारी भी बैठक में दी गई।
प्रारंभिक व्यवस्था के तहत व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से स्कूलों को एआई और तकनीक से संबंधित सामग्री तथा सूचनाएं भेजे जाने की बात सामने आई है। स्कूल इस जानकारी को विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगे। प्रशिक्षण किस समय-सारणी और स्वरूप में संचालित होगा, इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं।
राज्य मुख्यालय की ओर से जल्द एक कार्यशाला आयोजित किए जाने की संभावना भी बैठक में बताई गई। प्रस्तावित कार्यशाला में विद्यालय स्तर पर तकनीक के उपयोग और प्रशिक्षण लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट की जा सकती है। हालांकि, आयोजन की तारीख और अन्य विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
इस पहल के लागू होने से पहले स्कूलों के लिए शिक्षक उपलब्धता और कक्षा संचालन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान महत्वपूर्ण रहेगा। धनबाद के सरकारी विद्यालय अब परियोजना और राज्य मुख्यालय से विस्तृत निर्देश मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनके आधार पर विद्यार्थियों के एआई प्रशिक्षण की आगे की प्रक्रिया तय होगी।