पश्चिमी सिंहभूम में बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारी शुरू, कमजोर विद्यार्थियों के लिए लगेंगी रेमेडियल कक्षाएं

उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यालयों को पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने, नियमित अभ्यास और प्री-बोर्ड की तैयारी के साथ शैक्षणिक व बुनियादी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 का परिणाम बेहतर बनाने के लिए विद्यालय स्तर पर योजनाबद्ध तैयारी शुरू की जाएगी। चाईबासा स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय के पोटो हो सभागार में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में पाठ्यक्रम, अभ्यास, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की।

विद्यालयों को पाठ्यक्रम शीघ्र पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों का नियमित अभ्यास सुनिश्चित करने को कहा गया है। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने और प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में विद्यालयों के पास उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था और पिछले परीक्षा परिणामों में सुधार से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए अभी से विद्यालय स्तर पर सामूहिक और समयबद्ध प्रयास जरूरी हैं। प्रत्येक विद्यालय को अपनी कमजोरियों तथा जरूरतों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।

पूर्व निर्धारित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों को भी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने का निर्देश मिला। विद्यालयों में पंखे, रंग-रोगन और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े छोटे कार्य उपलब्ध विकास मद की राशि से शीघ्र कराने को कहा गया, ताकि परीक्षा के दौरान जरूरी व्यवस्थाएं पूरी रहें।

विद्यालय परिसरों में मौजूद जर्जर या ध्वस्त भवनों के बारे में प्रधानों से आवश्यक पत्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इन पत्रों के आधार पर प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा। न्यायालय में लंबित मामलों या अन्य कारणों से जिन भवनों को हटाने में कठिनाई है, उनकी जानकारी भी अलग से मांगी गई है।

बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार तथा जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य और प्रधानाध्यापक उपस्थित थे। अधिकारियों और विद्यालय प्रमुखों को परीक्षा की शैक्षणिक तथा प्रशासनिक तैयारियों को तय समय में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई।