धनबाद में राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को अस्पताल पहुंचने से पहले जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की पहल के तहत हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। वहां काम करने वाले चिह्नित कर्मचारियों को फर्स्ट-एड और सीपीआर का प्रशिक्षण देने की भी योजना है।
उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर गुरुवार को सड़क सुरक्षा से जुड़ी बैठक हुई। डीएसपी ट्रैफिक रोहित कुमार साव की अध्यक्षता वाली बैठक में दुर्घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्ति तक शुरुआती चिकित्सा सहायता पहुंचाने के उपायों पर विचार किया गया।
बैठक में ट्रैफिक पुलिस, जिला परिवहन कार्यालय, सड़क सुरक्षा समिति और पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल पंप संचालक शामिल हुए। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजीव सिंह भी मौजूद थे। संबंधित पक्षों ने हाईवे के पेट्रोल पंपों को आपात स्थिति में मददगार केंद्र के रूप में तैयार करने की व्यवस्था पर चर्चा की।
योजना के अनुसार पेट्रोल पंपों पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सामग्री रखी जाएगी। कर्मचारियों को दुर्घटना के समय घायल की शुरुआती मदद करने और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर देने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों को चिह्नित करने का प्रस्ताव है।
प्रशिक्षित कर्मियों को ‘जीवन दूत’ के रूप में तैयार करने का उद्देश्य एंबुलेंस आने या घायल को अस्पताल पहुंचाए जाने तक जरूरी सहायता उपलब्ध कराना है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय महत्वपूर्ण होता है और सही प्राथमिक उपचार से गंभीर जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
यह व्यवस्था लागू होने पर राजमार्गों पर मौजूद पेट्रोल पंप दुर्घटनास्थल के निकट तत्काल सहायता के केंद्र बन सकेंगे। पुलिस का लक्ष्य सड़क सुरक्षा उपायों के साथ दुर्घटना के बाद की प्रतिक्रिया को भी बेहतर करना है। हालांकि उपलब्ध विवरण में प्रशिक्षण शुरू होने की तारीख, शामिल पेट्रोल पंपों की संख्या और व्यवस्था लागू करने की समयसीमा नहीं बताई गई है।