धनबाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस निगरानी मजबूत करने के लिए 53 संवेदनशील स्थलों पर कुल 193 सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की गई है। योजना में शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। प्रस्तावित कैमरों का संचालन धनबाद पुलिस नियंत्रण कक्ष से केंद्रीकृत रूप से किया जाएगा।
इस दिशा में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने उपायुक्त आदित्य रंजन को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। पुलिस का उद्देश्य कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों तथा वाहनों की निगरानी करना और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई के लिए सूचनाएं जुटाना है।
योजना के तहत लगाए जाने वाले उपकरण अलग-अलग निगरानी जरूरतों के अनुरूप होंगे। कुल कैमरों में 154 आठ मेगापिक्सल वीएफ बुलेट आईपी कैमरे शामिल हैं। इनके अतिरिक्त 180 मीटर तक इन्फ्रारेड क्षमता वाले 15 पीटीजेड कैमरे लगाने का प्रस्ताव है, जिनसे दूर तक नजर रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
वाहनों की पहचान के लिए 24 एएनपीआर कैमरे भी लगाए जाएंगे। ये कैमरे नंबर प्लेट पहचानने के काम आएंगे। पुलिस के अनुसार, इस व्यवस्था से संदिग्ध वाहनों पर नजर रखने के साथ यातायात नियमों के उल्लंघन का पता लगाने में भी मदद मिल सकेगी।
सभी कैमरों को पुलिस नियंत्रण कक्ष से जोड़ने पर विभिन्न स्थानों की निगरानी एक ही केंद्र से की जा सकेगी। किसी संदिग्ध गतिविधि या यातायात संबंधी घटना की जानकारी मिलने पर संबंधित क्षेत्र की पुलिस को शीघ्र सतर्क करने में यह तंत्र उपयोगी हो सकता है।
पुलिस ने इस योजना को आधुनिक पुलिसिंग के साथ पर्व-त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन से भी जोड़ा है। पहले चरण में चिह्नित 53 स्थलों पर कैमरे लगने के बाद जिले के प्रमुख संवेदनशील बिंदुओं पर तकनीकी निगरानी का दायरा बढ़ेगा। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए पत्राचार किया गया है।