धनबाद-कोडरमा-गया रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन के लिए टेंडर जारी

242 किलोमीटर लंबे मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के लिए सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग ने ईपीसी टेंडर निकाला है। अतिरिक्त पटरियों से रेलखंड की क्षमता और परिचालन सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है।

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कोडरमा से गुजरने वाले धनबाद-गया रेलखंड की पटरियां और रेल परिचालन

धनबाद-कोडरमा-गया रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है। 242 किलोमीटर लंबी इस मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के लिए पूर्व मध्य रेल के सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग ने इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी टेंडर जारी किया है। परियोजना के तहत झारखंड और बिहार से गुजरने वाले इस व्यस्त रेल मार्ग पर दो अतिरिक्त ट्रैक तैयार किए जाने हैं।

प्रस्तावित लाइनें धनबाद रेल मंडल के अंतर्गत पहाड़पुर, कोडरमा और चिरैलापोथ तक बिछाई जाएंगी। ईपीसी व्यवस्था में चयनित एजेंसी डिजाइन तैयार करने से लेकर निर्माण पूरा करने तक की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके साथ आधुनिक सिग्नल और दूरसंचार ढांचा विकसित करने की भी योजना है।

कोडरमा होकर गुजरने वाला यह खंड हावड़ा-नई दिल्ली रेलमार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस रास्ते से प्रतिदिन 100 से अधिक यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें वंदे भारत, दुरंतो और राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इसी मार्ग से बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का भी परिचालन होता है।

दो अतिरिक्त लाइनें बनने से मौजूदा पटरियों पर ट्रेनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलखंड की क्षमता बढ़ने पर नई यात्री और मालगाड़ियां चलाने की गुंजाइश भी बनेगी। आधुनिक सिग्नल प्रणाली के जरिए पूरे कॉरिडोर में ट्रेन संचालन को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मार्च 2024 को किया था। अब टेंडर जारी होने के साथ इसके तकनीकी और निर्माण संबंधी काम की तैयारी आगे बढ़ी है। परियोजना पूरी होने पर धनबाद, कोडरमा और गया के बीच रेल परिचालन के लिए चार लाइनों वाला ढांचा उपलब्ध हो सकेगा।