धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने मंगलवार को आयोजित जनता दरबार में मिली शिकायतों के समयबद्ध समाधान का निर्देश दिया। दरबार में 100 से अधिक लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उपायुक्त ने आवेदनों को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई करने को कहा।
जनता दरबार में जमीन पर कथित जबरन कब्जे, दोहरी जमाबंदी में सुधार, लंबित राशन कार्ड को लाल कार्ड में बदलने और भूमि अतिक्रमण से जुड़े आवेदन आए। सड़क निर्माण में अनियमितता तथा जालसाजी के जरिए पुश्तैनी जमीन की अवैध बिक्री किए जाने की शिकायतें भी प्रशासन के सामने रखी गईं।
प्रशासन के अनुसार, मृत्यु प्रमाणपत्र लंबित रहने के कारण बीमा राशि का भुगतान नहीं होने के मामले भी सामने आए। इसके अलावा दिव्यांग पेंशन, लंबे समय से रुकी पारिवारिक पेंशन और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत चिकित्सा सहायता दिलाने से संबंधित आवेदन मिले।
उपायुक्त ने ऐसे प्राथमिकता वाले मामलों को अलग करते हुए उसी दिन या अगले जनता दरबार से पहले निपटाने का निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा गया कि आवेदकों को समाधान के लिए अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा न करनी पड़े और शिकायतों पर की गई कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्ज हो।
भूमि विवाद, पुलिस प्राथमिकी, जांच और आपसी विवाद जैसे मामलों में विस्तृत अनुसंधान तथा कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता बताई गई। प्रशासन ने कहा कि इस श्रेणी के मामलों की निगरानी विशेष मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से की जा रही है। संबंधित अंचल और पुलिस अधिकारियों को भी समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त के मुताबिक, निर्धारित जनता दरबार के अलावा सप्ताह के अन्य दिनों में भी जरूरतमंद लोगों की समस्याएं सुनने और उनके निराकरण का प्रयास किया जाता है। ब्लॉक और अंचल स्तर की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि लोगों को शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार जिला मुख्यालय नहीं आना पड़े।