धनबाद नगर निगम कर्मियों की एक दिवसीय भूख हड़ताल, 25 मांगें उठाईं

वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल की सुरक्षा समेत 25 मांगों को लेकर धनबाद नगर निगम के कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर एक दिवसीय भूख हड़ताल की।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
धनबाद नगर निगम मुख्यालय के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते कर्मचारी

धनबाद नगर निगम के कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर निगम मुख्यालय के बाहर एक दिवसीय भूख हड़ताल की। अखिल भारतीय मजदूर संगठन की जिला इकाई के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े विषय प्रमुखता से उठाए गए। आंदोलन के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कुल 25 मांगें निगम प्रशासन के सामने रखीं। इनमें बोनस बढ़ाने, स्थायी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन में सुधार करने, सातवें वेतनमान के बकाया एरियर का भुगतान करने तथा नियमानुसार एसीपी का लाभ देने की मांग शामिल है। कर्मचारियों ने भविष्य निधि की राशि समय पर जमा करने और हर महीने वेतन पर्ची उपलब्ध कराने की भी मांग की।

यूनियन ने कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखने और सफाई कार्यों में बताई जा रही अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों से काम लेने के साथ उनके अधिकार, पारिश्रमिक और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है।

आंदोलन के दौरान कुछ कर्मचारियों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोकने और उन पर दबाव डालने का आरोप भी लगाया गया। मजदूर नेता अंजनी कुमार सिंह के अनुसार, दूर-दराज से प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे कुछ सफाई कर्मियों को नौकरी से हटाने और वेतन काटने की धमकी दी गई। इन आरोपों पर निगम प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

प्रदर्शन में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा का विषय भी उठा। यूनियन प्रतिनिधियों ने 23 अक्टूबर को बैंक मोड़ क्षेत्र में डिवाइडर की सफाई के दौरान एक कर्मचारी के कार की चपेट में आने की घटना का उल्लेख किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कर्मचारी की कमर की हड्डी टूट गई और उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। संगठन ने कहा कि ईएसआईसी पंजीकरण सुनिश्चित होने पर कर्मियों को इलाज संबंधी सुविधाएं मिल सकती हैं।

यूनियन ने नगर आयुक्त, महापौर और श्रम विभाग को मांगपत्र सौंपने की बात कही है। संगठन ने मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का दायरा बढ़ाने की चेतावनी दी। फिलहाल निगम प्रशासन की औपचारिक प्रतिक्रिया और मांगों पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।