देवघर में 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण शुरू, आधुनिक बागवानी और स्वरोजगार पर जोर

कृषि विज्ञान केंद्र देवघर में जिला उद्यान विभाग प्रायोजित प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़कर आजीविका के अवसर बढ़ाना है।

2 मिनट पढ़ें 3 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

देवघर के कृषि विज्ञान केंद्र में उद्यान विकास योजना के तहत 25 दिवसीय माली प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिला उद्यान विभाग द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को बागवानी की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों में दक्ष बनाना है। आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन संतालपरगना, दुमका के उप निदेशक उद्यान सहजानंद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इस तरह के प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में नए अवसर उपलब्ध करा सकते हैं।

सहजानंद सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से कार्यक्रम के दौरान हासिल ज्ञान और कौशल को व्यावहारिक काम में उपयोग करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण की अवधि 25 दिन रखी गई है, ताकि प्रतिभागियों को बागवानी से जुड़े कौशल सीखने का अवसर मिल सके। कार्यक्रम किसानों के साथ उन ग्रामीण युवाओं पर भी केंद्रित है जो उद्यानिकी को आजीविका का माध्यम बनाना चाहते हैं।

जिला उद्यान पदाधिकारी हिमांशु राज ने बताया कि विभाग की योजनाओं का लक्ष्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को बागवानी के लिए प्रोत्साहित करना तथा उनकी आय बढ़ाने में सहयोग करना है। उनके अनुसार प्रशिक्षित युवा पौधशाला प्रबंधन, फलदार एवं सजावटी पौधों के उत्पादन और उद्यानिकी संबंधी सेवाओं के माध्यम से अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र देवघर की वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. पूनम सोरेन ने कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण को कृषि और बागवानी क्षेत्र में रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र किसानों और ग्रामीण युवाओं तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने तथा उनके व्यावहारिक कौशल को विकसित करने के लिए प्रयास कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी उद्देश्य से तकनीकी जानकारी को आजीविका की संभावनाओं से जोड़ता है।