धनबाद नगर निगम के 55 वार्डों में टैक्स वसूली फिर शुरू, 11 निरीक्षकों को जिम्मेदारी

दो महीने से बंद टैक्स वसूली दोबारा शुरू करने के लिए राजस्व निरीक्षकों को वार्ड आवंटित किए गए हैं। भुगतान अधिकृत कर्मी को करने और रसीद लेने की अपील की गई है।

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धनबाद नगर निगम के 55 वार्डों में टैक्स संग्रह की व्यवस्था फिर शुरू

धनबाद नगर निगम ने करीब दो महीने से बंद टैक्स वसूली का काम फिर शुरू करने का निर्देश दिया है। शहर के सभी 55 वार्डों में राजस्व संग्रह के लिए 11 राजस्व निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षकों के बीच वार्डों का बंटवारा करने के साथ उनके यूजर आईडी और पासवर्ड भी जारी कर दिए गए हैं।

राजस्व संग्रह की व्यवस्था की समीक्षा के लिए नगर आयुक्त आशीष गंगवार की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई। इसमें सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार और प्रसून कौशिक, विशाल सिन्हा तथा निगम के राजस्व निरीक्षक शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य टैक्स वसूली को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से दोबारा संचालित करना था।

नगर आयुक्त ने निरीक्षकों को संग्रह प्रक्रिया में ईमानदारी, पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए वसूली में तेजी लाने को कहा। लापरवाही, अनियमितता या काम के प्रति उदासीनता स्वीकार नहीं किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।

बैंक मोड़ स्थित डीएमसी मॉल में राजस्व संग्रह के लिए दो काउंटर खोलने की तैयारी है। राजस्व निरीक्षकों को भुगतान प्राप्त करने के लिए पीओएस मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जारी किए गए यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग केवल संबंधित निरीक्षक ही करेंगे। इन्हें किसी दूसरे व्यक्ति को देने पर कार्रवाई की जाएगी।

नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे टैक्स का भुगतान केवल निगम के अधिकृत राजस्व निरीक्षक को करें और भुगतान की रसीद अवश्य लें। यह व्यवस्था करदाताओं के लेनदेन का प्रमाण सुरक्षित रखने और अनधिकृत वसूली से बचाव के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।

नगर विकास विभाग ने नगर आयुक्त या उप नगर आयुक्त को हर महीने टैक्स संग्रह की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। निर्धारित लक्ष्य से पीछे रहने वाले राजस्व निरीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के भवनों से भी संपत्ति कर की अनिवार्य वसूली करने का निर्देश दिया गया है।